कच्चे तेल की कीमतों में 2027 तक बड़ी गिरावट की संभावना, ब्रेंट क्रूड का औसत भाव 80 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान
तेल बाजार के विशेषज्ञ डान स्ट्रुवेन और उनकी टीम के आकलन के मुताबिक, दिसंबर 2026 में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 90 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है। यह उनके पहले के 85 डॉलर प्रति बैरल के अनुमान से अधिक है। इसके बावजूद, वर्ष 2027 के लिए औसत कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति पर पड़ा असर धीरे-धीरे कम हो सकता है। यदि आपूर्ति सामान्य होती है और बाजार में पर्याप्त तेल उपलब्ध रहता है, तो कीमतों पर दबाव घट सकता है।
तेल की कीमतों में संभावित गिरावट की एक प्रमुख वजह फारस की खाड़ी से निर्यात में हुआ सुधार बताया गया है। आकलन के अनुसार, सितंबर के अंत से इस क्षेत्र का तेल निर्यात वर्ष 2025 के औसत स्तर के आसपास बना हुआ है। इसमें प्रतिदिन लगभग 40 लाख बैरल ऐसे तेल का अनुमानित निर्यात भी शामिल है, जिसे ऐसे टैंकरों के जरिए ले जाया जाता है जिनके ट्रांसपोंडर बंद होने के कारण उनकी आवाजाही का पता लगाना मुश्किल हो सकता है। इस तरह निर्यात में सुधार से वैश्विक बाजार में उपलब्ध तेल की मात्रा बढ़ने की संभावना है।
वैश्विक तेल बाजार में मांग और आपूर्ति के अंतर में कमी भी कीमतों के अनुमान को प्रभावित कर रही है। आकलन के मुताबिक, मार्च में तेल की मांग आपूर्ति से प्रतिदिन लगभग 72 लाख बैरल अधिक थी, जबकि सितंबर में यह अंतर घटकर करीब तीन लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। फारस की खाड़ी के बाहर उत्पादन में बढ़ोतरी और कमजोर मांग ने इस अंतर को कम करने में योगदान दिया। अनुमान है कि वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में वैश्विक तेल बाजार अधिशेष की स्थिति में आ सकता है। वर्ष 2027 में भी यह स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति में आई बाधाओं ने बाजार को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस संकट से जुड़ी मांग में आई भारी कमी वर्ष 2027 की चौथी तिमाही तक काफी हद तक दूर हो सकती है। हालांकि, कीमतों में दोबारा तेजी आने का जोखिम बना हुआ है। यदि क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ता है या आपूर्ति में नई बाधाएं पैदा होती हैं, तो कच्चे तेल के दाम अनुमान से अधिक समय तक ऊंचे रह सकते हैं।
इसलिए 80 डॉलर प्रति बैरल का स्तर फिलहाल भविष्य के बाजार का अनुमान है, निश्चित कीमत नहीं। आने वाले महीनों में पश्चिम एशिया की स्थिति, तेल निर्यात की रफ्तार, उत्पादन और वैश्विक मांग यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि कीमतें वास्तव में कितनी नीचे आती हैं।
