October 16, 2026

मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण देने पर राजनाथ सिंह ने सवाल टाला, कारसेवकों पर गोलीबारी का भी उठा मुद्दा

0
16-1792143911
नई दिल्ली ।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उनसे समाजवादी पार्टी के संस्थापक और दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्म विभूषण दिए जाने के संबंध में सवाल पूछा गया। राजनाथ सिंह ने इस सवाल पर विस्तार से कुछ कहने के बजाय संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी और बातचीत समाप्त करते हुए धन्यवाद कहा।

प्रेस वार्ता के आखिरी कुछ मिनटों में एक पत्रकार ने राजनाथ सिंह से सवाल किया कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले व्यक्ति को पद्म पुरस्कार क्यों दिया गया। उस समय रक्षा मंत्री प्रेस वार्ता समाप्त कर वहां से निकलने की तैयारी में थे। हालांकि, सवाल सुनने के बाद वह दोबारा बैठ गए और पूरी बात सुनी। उन्होंने अपने पास बैठे उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी से एक मिनट रुकने के लिए कहा।

इसके बाद मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण दिए जाने से जुड़े सवाल पर राजनाथ सिंह ने कहा, “चलिए देखते हैं। उसके कई कारण थे। बहुत-बहुत धन्यवाद।” उन्होंने पुरस्कार दिए जाने के कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। इस तरह प्रेस वार्ता में उनसे पूछा गया सवाल संक्षिप्त जवाब के साथ समाप्त हो गया।

दरअसल, इसी प्रेस वार्ता में राजनाथ सिंह ने वर्ष 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के राजनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के शासनकाल से जुड़े तीन घटनाक्रमों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल, वर्ष 1984 में सिख समुदाय के लोगों के नरसंहार और वर्ष 1990 में रामभक्तों पर गोली चलाए जाने के मुद्दे का जिक्र किया।

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 1990 में रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले को समर्थन देकर सरकार बचाई गई थी। उनका यह बयान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच पुराने राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में आया। इसी पृष्ठभूमि में मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण दिए जाने से संबंधित सवाल भी प्रेस वार्ता के दौरान उठा।

वर्ष 2008 में भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते को लेकर केंद्र की तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार संकट में आ गई थी। उस समय वाम दलों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने 22 जुलाई 2008 को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को समर्थन दिया।

इस समर्थन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विश्वास मत हासिल करने में सफल रही।विश्वास मत के दौरान सरकार के पक्ष में 275 मत पड़े थे, जबकि विपक्ष को 256 मत मिले थे। इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के समर्थन को केंद्र सरकार बचाने में महत्वपूर्ण माना गया था।

उस समय मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस नीत गठबंधन की सरकार को समर्थन देने के पीछे भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को देशहित में बताया था। उन्होंने कहा था कि तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें समझौते के देश के हित में होने की जानकारी दी थी। इसी आधार पर समाजवादी पार्टी ने सरकार का समर्थन किया था।

मुलायम सिंह यादव को वर्ष 2023 में सार्वजनिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उनके बेटे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान ग्रहण किया था। अब लखनऊ में राजनाथ सिंह से इसी सम्मान को लेकर पूछे गए सवाल ने मुलायम सिंह यादव, कारसेवकों पर गोलीबारी के पुराने विवाद और उस समय के राजनीतिक घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *