October 16, 2026

एक करोड़ दिलाने का वादा और फिर सोने की कहानी, तमिलनाडु के CM के नाम पर बुजुर्ग से ₹7.52 लाख की ठगी

0
0-1792134828

जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है जिसमें आरोपियों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलापति के नाम का इस्तेमाल कर 69 वर्षीय बुजुर्ग को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग का भरोसा जीतकर अलग-अलग चरणों में कुल 7.52 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद भी ठगों ने पैसे मांगना बंद नहीं किया। उन्होंने सोना लेकर आने और रास्ते में पुलिस के पकड़ लेने की कहानी सुनाकर बुजुर्ग से 60 हजार रुपये और मांग लिए। इस बार उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी। गोरखपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक जबलपुर के गुप्तेश्वर निवासी प्रवेश धीर को फेसबुक पर आर्थिक सहायता और ऋण उपलब्ध कराने से जुड़ा एक लिंक दिखाई दिया था। आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद में उन्होंने लिंक पर क्लिक किया। इसके कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर चार अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। फोन करने वालों ने खुद को विजय थलापति से जुड़ा हुआ बताया और दावा किया कि उन्हें एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जा सकती है। आरोपियों ने मुख्यमंत्री के नाम का इस्तेमाल कर बुजुर्ग को भरोसे में लेने की कोशिश की। उनकी बातों में आकर प्रवेश धीर ने आरोपियों पर विश्वास कर लिया।
इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू हुआ। आरोपियों ने आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर अलग-अलग चरणों में भुगतान करने को कहा। उन्होंने सात बार स्कैनर भेजे और बुजुर्ग से विभिन्न बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 7.52 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में चले गए। बुजुर्ग को उम्मीद थी कि रकम जमा करने के बाद उन्हें वादा की गई आर्थिक मदद मिल जाएगी। लेकिन आरोपियों ने न तो आर्थिक सहायता दिलाई और न ही पैसे वापस किए। इसके बजाय वे लगातार नई कहानी बनाकर उनसे और रकम मांगने लगे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पैसे लेने के बाद बुजुर्ग को बताया कि वे उनके लिए सोना लेकर आ रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने दावा किया कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया है और अब उन्हें छुड़ाने के लिए अतिरिक्त रकम की जरूरत है। इस बहाने आरोपियों ने 60 हजार रुपये और मांगे। लगातार भुगतान की मांग होने से प्रवेश धीर को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है जिनसे बुजुर्ग को फोन किए गए थे। इसके साथ ही रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी नितिन कमल के मुताबिक साइबर टीम की मदद से मामले की जांच की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि आर्थिक सहायता दिलाने के नाम पर लोगों को किस तरह निशाना बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या फोन पर किए गए दावों पर तुरंत भरोसा करने से बचना जरूरी है। सरकारी सहायता या बड़ी रकम दिलाने के नाम पर अग्रिम भुगतान मांगने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड या स्कैनर को जांचे बिना भुगतान नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री या किसी सरकारी योजना का नाम लेकर पैसे मांगता है तो पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत बैंक को सूचना देकर खाते से जुड़े लेनदेन पर कार्रवाई का अनुरोध करना चाहिए और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *