MP में रबी सीजन से पहले बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें, ग्रिडों का घेराव और चक्काजाम, ऊर्जा मंत्री ने दिए 10 घंटे बिजली के निर्देश
भोपाल । मध्य प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा अब गांवों से निकलकर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में पहुंच गया है। किसानों और ग्रामीणों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह के दौरान मंदसौर राजगढ़ सीहोर बड़वानी धार झाबुआ खंडवा आगर मालवा नर्मदापुरम और बुरहानपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके हैं। कहीं किसानों ने बिजली ग्रिडों का घेराव किया तो कहीं चक्काजाम लगाकर अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग उठाई है। खास बात यह है कि बिजली संकट को लेकर अब भाजपा के मंत्री और विधायक भी परेशान नजर आ रहे हैं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समस्या का समाधान कराने की गुहार लगा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। रबी सीजन की तैयारियों के बीच सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ने लगी है। किसानों का कहना है कि समय पर बिजली नहीं मिलने से खेतों में सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ रही है। ग्रामीण इलाकों में रात के समय बिजली गुल होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कुछ स्थानों पर दो से आठ घंटे तक बिजली कटौती होने की बात कही जा रही है। इससे खेती के साथ घरेलू कामकाज और आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है।
मंदसौर जिले में बिजली कटौती के विरोध में कई जगह प्रदर्शन हुए। गरोठ सुवासरा बालागुड़ा और शामगढ़ में किसानों ने बिजली ग्रिडों का घेराव किया। गरोठ-भोपाल रोड पर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम रहा। मंदसौर विधायक विपिन जैन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान विधायक और अधीक्षण यंत्री के बीच तीखी बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग करते हुए कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
राजगढ़ जिले में भी बिजली कटौती को लेकर नाराजगी देखने को मिली। करेड़ी गांव और ढाबला जोड़ पर पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर ने ग्रामीणों के साथ चक्काजाम किया। उन्होंने अधिकारियों से बिजली कटौती की शिकायत की और समस्या दूर नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। नवरात्रि के दौरान आरती के समय बिजली कटने को लेकर भी सवाल उठाए गए। सीहोर जिले के बिलकिसगंज में ग्रामीणों ने विद्युत केंद्र का घेराव किया जबकि बड़वानी में किसानों ने कार्यकारी यंत्री कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। धार जिले के मनावर में विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बिजली समस्या की ओर ध्यान दिलाया।
आगर मालवा में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया तो झाबुआ और खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैलियां निकालकर विरोध दर्ज कराया। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में ज्ञापन सौंपा गया जबकि बुरहानपुर में किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बिजली कटौती का मुद्दा उठाया। लगातार सामने आ रही शिकायतों के कारण मामला कैबिनेट बैठक तक पहुंच गया। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत कई मंत्रियों ने अपने क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की समस्याएं बताईं। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकारियों को रबी सीजन में किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव और बिजली उत्पादन ट्रांसमिशन तथा पावर मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों के अधिकारियों को आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा है। ऊर्जा मंत्री के मुताबिक प्रदेश में बिजली की मांग में अचानक तेजी आई है। 11 अक्टूबर को मांग करीब 16 हजार मेगावाट तक पहुंच गई थी जबकि पिछले साल इसी तारीख को यह लगभग 11 हजार मेगावाट थी। यानी एक साल में मांग में करीब 38 से 40 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार के सामने अब बढ़ती मांग के बीच बिजली उत्पादन और आपूर्ति का संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। अधिकारियों को उत्पादन बढ़ाने कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने और स्थानीय स्तर पर आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय किसान संघ ने भी दशहरे तक बिजली समस्या का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है। रबी की बुवाई का समय नजदीक होने के कारण आने वाले दिनों में बिजली की जरूरत और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों की नजर सरकार के आश्वासन तथा ऊर्जा विभाग के निर्देशों के असर पर टिकी है। अब देखना होगा कि प्रदेश में बिजली कटौती पर रोक लगाने और गांवों में नियमित आपूर्ति बहाल करने के लिए सरकार कितनी जल्दी प्रभावी कदम उठाती है।
