पाकिस्तान के पेशावर में निजी स्कूल की छत गिरने से 20 बच्चों की मौत, 40 से अधिक लोग घायल
दुर्घटना के बाद बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे बच्चों और स्कूल के कर्मचारियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। टीमों ने घटनास्थल पर तलाश अभियान चलाया, ताकि मलबे के नीचे दबे लोगों तक पहुंचा जा सके। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे में घायल 20 बच्चों को लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, शुरुआती जानकारी में 17 शव अस्पताल लाए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद एक महिला शिक्षक का शव भी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में हताहत हुए लोगों की संख्या और घायलों की स्थिति को लेकर राहत अभियान के दौरान जानकारी सामने आती रही। हादसे की गंभीरता को देखते हुए बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को तलाशने में लगा रहा।
पेशावर में हुए इस हादसे के बाद घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों ने अस्पतालों में भर्ती लोगों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राहत टीमों को भी तेजी से काम करने और मलबे के नीचे फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालने के लिए कहा गया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने जान गंवाने वाले बच्चों और अन्य लोगों के लिए प्रार्थना की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हादसे में घायल लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बचाव दल को अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए, ताकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर के सूचना एवं जनसंपर्क सलाहकार समर हारून बिलौर ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घायल बच्चों को हर संभव सहायता देने को कहा। इस बीच, पेशावर के पुलिस अधिकारी डॉ. मियां सईद ने बताया कि हादसे में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
स्कूल की छत गिरने के कारणों को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य का मुख्य उद्देश्य मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को उपचार उपलब्ध कराना है। हादसे में बच्चों की मौत से इलाके में दुख का माहौल है।
