October 14, 2026

राजस्थान बॉर्डर पर ड्रोन से हथियारों की खेप बरामद, 600 कारतूस और विस्फोटक मिले, दो आरोपी गिरफ्तार

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जयपुर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद की है। रावला क्षेत्र के एक खेत से 7.7 किलोग्राम प्लास्टिक एक्सप्लोसिव, दो पिस्टल, करीब 600 कारतूस और अन्य संदिग्ध उपकरण मिले हैं। मामले में पंजाब निवासी लखविंद्र सिंह और सुखविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त अभियान चलाकर यह कार्रवाई की।

ANTF के आईजी विकास कुमार के मुताबिक, ड्रोन की तीन उड़ानों के जरिए सीमा क्षेत्र में हथियार, कारतूस और विस्फोटक गिराए गए थे। बरामद सामग्री की गिनती और जांच की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि खेप में आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और विस्फोटक से जुड़ी अन्य सामग्री भी शामिल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से विशेष बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है, जो मौके पर पहुंचकर विस्फोटकों की जांच और उन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई करेगा।

खेत में मिले तीन पैकेट, विस्फोटक भी बरामद

जानकारी के मुताबिक, श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में सीमा के पास 12 केएनडी इलाके के एक खेत में ड्रोन से तीन पैकेट गिराए गए थे। तलाशी के दौरान इन पैकेटों से 7.7 किलोग्राम प्लास्टिक एक्सप्लोसिव, दो पिस्टल, करीब 600 कारतूस और चार मैगजीन बरामद हुईं।

इसके अलावा एक रिमोट, दो केपलर और चार बैटरियां भी मिली हैं। सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री की प्रकृति, इस्तेमाल और संभावित खतरे का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोटकों की स्थिति की जांच के बाद उन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों और विस्फोटकों की खेप किसके लिए भेजी गई थी, इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

मजदूर बनकर रह रहे थे दोनों संदिग्ध

इस मामले में गिरफ्तार लखविंद्र सिंह और सुखविंद्र सिंह पंजाब के रहने वाले हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों रावला मंडी क्षेत्र में मजदूर बनकर रह रहे थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि वे ड्रोन से गिराए गए पैकेट लेने के लिए वहां पहुंचे थे।

एजेंसियां उन बाइक सवार युवकों की भी तलाश कर रही हैं, जो कथित तौर पर दोनों को रावला छोड़ने आए थे। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्धों का संपर्क किन लोगों से था और हथियारों की खेप मंगाने के पीछे किसका निर्देश था।

मामले की जांच जारी होने के कारण अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की है।

एक महीने से संदिग्धों की गतिविधियों पर थी नजर

ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पहले से मिली खुफिया सूचना के आधार पर की गई। एजेंसी को करीब एक महीने पहले जानकारी मिली थी कि पंजाब के दो संदिग्ध किसी खास मकसद से राजस्थान के सीमावर्ती इलाके में मौजूद हैं। इसके बाद टीम ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।

विकास कुमार के मुताबिक, संदिग्धों की निगरानी के दौरान बाद में सूचना मिली कि हथियारों और विस्फोटकों की खेप अगले दिन पहुंचने वाली है। इसके बाद ANTF और BSF ने संयुक्त अभियान की योजना बनाई और कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर खेप लेने पहुंचे दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों, विस्फोटकों और अन्य उपकरणों की जांच के साथ पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। जांच का प्रमुख पहलू यह है कि खेप कहां से भेजी गई थी और इसे हासिल करने के बाद किस ठिकाने तक पहुंचाया जाना था।

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