मोहनलाल ने देखी अजय देवगन की ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’, फिल्म के अंत से हुए प्रभावित, पूरी टीम को दी बधाई
मोहनलाल ने एक वीडियो साझा कर कहा कि उन्होंने ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ देखी और वह इससे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि फिल्म की कहानी और पूरी यात्रा का अंत जिस तरह हुआ, वह उन्हें पसंद आया। इसके साथ ही उन्होंने अभिषेक पाठक, कुमार मंगत पाठक, अजय देवगन और फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों तथा तकनीकी टीम को बधाई दी। उनके इस बयान से फिल्म को लेकर उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। फिल्म की रिलीज से पहले ट्रेलर लॉन्च के दौरान अजय देवगन ने भी इच्छा जताई थी कि मोहनलाल उनकी फिल्म देखें।
‘दृश्यम’ की शुरुआत मलयालम फिल्म से हुई थी, जिसमें मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इसी फिल्म का हिंदी रीमेक अजय देवगन के साथ बनाया गया था। शुरुआती दोनों संस्करणों में कहानी समान थी, लेकिन तीसरे भाग को लेकर स्थिति अलग रही। हाल ही में रिलीज हुए मलयालम संस्करण के तीसरे भाग को दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला था। इसके बाद हिंदी फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ भी सिनेमाघरों में पहुंची और बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। इस बार हिंदी और मलयालम संस्करणों की कहानी में अंतर देखने को मिला। कुछ दर्शकों ने हिंदी संस्करण को मलयालम फिल्म से बेहतर भी बताया है।
फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की बात करें तो ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ ने भारत में अब तक 370.80 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है। वहीं, दुनियाभर में इसकी कुल कमाई 479.80 करोड़ रुपये बताई गई है। फिल्म की कमाई ने इसे अजय देवगन की चर्चित फिल्मों में शामिल कर दिया है। कहानी के समापन के साथ फिल्म को दर्शकों की प्रतिक्रिया भी मिल रही है और अब मोहनलाल की तारीफ ने इसे लेकर चर्चा को एक नया पहलू दिया है।
इस फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू, रजत कपूर, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और कमलेश सावंत जैसे पुराने कलाकार भी नजर आए हैं। वहीं, इस बार जयदीप अहलावत और प्रकाश राज की भी फिल्म में एंट्री हुई है। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है। उन्होंने आमिल कीयान खान और परवेज शेख के साथ इसकी कहानी लिखी है। अभिषेक पाठक फिल्म के निर्माता भी हैं। उनके साथ आलोक जैन, अजीत अंधारे और कुमार मंगत पाठक ने भी निर्माण की जिम्मेदारी संभाली है। अजय देवगन ने पहले बताया था कि अभिषेक और लेखकों ने पटकथा पर करीब दो साल तक मेहनत की। कहानी के आकार लेने और फिल्म बनने के बाद इसे ‘दृश्यम’ की अंतिम कड़ी बनाने का फैसला किया गया।
