राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान 2026 से नवाजे जाएंगे रघुवीर यादव, अनुपम खेर के विदेश दौरे के कारण बदला गया नाम
सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। परंपरा के अनुसार, सम्मान ग्रहण करने से पहले रघुवीर यादव किशोर कुमार के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद आयोजित समारोह में उन्हें राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन संस्कृति विभाग की ओर से किया जा रहा है।
सम्मान के लिए अनुपम खेर का नाम पहले तय किए जाने की जानकारी सामने आई थी। चयन की औपचारिक घोषणा से पहले संबंधित ज्यूरी ने उनसे संपर्क किया था। बताया गया कि अनुपम खेर ने खंडवा आने में असमर्थता जताई, क्योंकि वे 17 अक्टूबर तक देश से बाहर रहने वाले थे। सम्मान ग्रहण करने के लिए चयनित कलाकार का खंडवा पहुंचना अनिवार्य होने के कारण ज्यूरी को दूसरे कलाकार का चयन करना पड़ा। इसके बाद रघुवीर यादव के नाम पर फैसला किया गया। इस वर्ष सम्मान के लिए कलाकार का नाम अंतिम समय में तय हो सका।
राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान के लिए कलाकारों का चयन पांच सदस्यीय ज्यूरी करती है। यह समिति मुंबई में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों और विशेषज्ञों के बीच चयन प्रक्रिया पूरी करती है। पहले कई मौकों पर चयनित कलाकारों को उनके घर जाकर भी सम्मान प्रदान किया गया था। वर्ष 2010 में अभिनेता देव आनंद को उनके निवास पर सम्मानित किए जाने के बाद ऐसी व्यवस्था का चलन बढ़ा। इससे खंडवा में किशोर कुमार के प्रशंसकों के बीच नाराजगी सामने आई, क्योंकि सम्मान समारोह का आयोजन किशोर कुमार की जन्मस्थली में किए जाने की अपेक्षा थी। इसके बाद वर्ष 2025 में नियम जोड़ा गया कि सम्मान प्राप्त करने वाले कलाकार को खंडवा आना अनिवार्य होगा।
राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 1997-98 में की थी। किशोर कुमार के निधन के करीब दस वर्ष बाद शुरू किए गए इस सम्मान का उद्देश्य सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है। निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन और गीत लेखन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को इसके लिए चुना जाता है। कलाकारों का चयन उनकी दीर्घ साधना, उपलब्धियों और सिनेमा में सक्रिय योगदान के आधार पर किया जाता है।
शुरुआत में इस सम्मान के साथ दो लाख रुपये की राशि दी जाती थी। वर्तमान में सम्मानित कलाकार को पांच लाख रुपये की नकद राशि, स्मृति चिह्न, शॉल और श्रीफल प्रदान किए जाते हैं। शुरुआती वर्षों में समारोह राजधानी भोपाल में आयोजित होता था। बाद में तत्कालीन संस्कृति मंत्री विजय शाह की पहल पर आयोजन को खंडवा स्थानांतरित किया गया। इसका उद्देश्य किशोर कुमार की जन्मस्थली में उनके प्रति सम्मान और स्मृति को केंद्र में रखना था।
रघुवीर यादव का जन्म 25 जून 1957 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण लिया और वर्ष 1985 में फिल्म मैसी साहब से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। सलाम बॉम्बे!, बैंडिट क्वीन, दिल से, लगान, वॉटर और पीपली लाइव जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को पहचान मिली। वे अभिनेता होने के साथ गायक और संगीतकार भी हैं। फिल्म मैसी साहब के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले, जबकि पंचायत वेब सीरीज में उनके अभिनय के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया है।
