SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस का दिल्ली मार्च, जीतू पटवारी-उमंग सिंघार पहुंचे दिल्ली, एमपी में नेताओं पर कार्रवाई से बढ़ा विवाद
नई दिल्ली । राहुल गांधी के नेतृत्व में सोमवार को दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस मार्च से पहले मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मार्च में शामिल होने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेता और विधायक दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसी बीच दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे मुरैना ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर और भिंड शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया को रविवार रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के घर भी पुलिस पहुंची। इन घटनाओं के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पार्टी नेताओं को दिल्ली मार्च में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुरैना ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर और भिंड शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया दिल्ली जाने के लिए मुरैना में एक ही स्थान पर ठहरे हुए थे। इसी दौरान पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे मार्च में शामिल होने की तैयारी से जोड़कर देखा है। हालांकि पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने के कारण और कार्रवाई की अवधि को लेकर आधिकारिक पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इसी घटनाक्रम के बीच श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के घर पुलिस पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि विधायक के घर पहुंची पुलिस से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। कांग्रेस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस विधायक को हिरासत में लेने में सफल हुई या नहीं इस बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस वजह से पूरे घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
दूसरी ओर मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली में प्रस्तावित मार्च में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलावा पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ विधायक आरिफ मसूद झूमा सोलंकी सेना पटेल फुंदेलाल मार्को और केशव देसाई सहित कई नेता और पूर्व विधायक शामिल हैं। दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में भी कांग्रेस के विधायक और नेता मौजूद हैं। पार्टी की ओर से इस मार्च के जरिए अपनी मांगों को आगे रखने की तैयारी की गई है।
कांग्रेस का यह मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। पार्टी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाती रही है। कांग्रेस की योजना मार्च के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचकर अपनी मांगें रखने की है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी पहले भी अपनी आपत्तियां सामने रख चुकी है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने और विधायक के घर पुलिस पहुंचने की घटनाओं ने दिल्ली मार्च से पहले राजनीतिक विवाद को बढ़ा दिया है। कांग्रेस इसे अपने नेताओं को रोकने की कोशिश बता रही है जबकि पुलिस की कार्रवाई के आधार पर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में मार्च के दौरान पार्टी की गतिविधियों और इस पूरे घटनाक्रम पर आगे होने वाले घटनाक्रम पर नजर रहेगी।
