स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन भारत पहुंचे, राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में औपचारिक स्वागत
भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर जोर रहेगा। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के साथ शिक्षा, विज्ञान और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है। ऐसे में गाइ पार्मेलिन का तीन दिवसीय दौरा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है।
गाइ पार्मेलिन 7 अक्टूबर को दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी ईएफटीए के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते यानी टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में भारत और ईएफटीए के बीच आर्थिक साझेदारी तथा कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। समझौते के लागू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक संबंधों में ईएफटीए की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईएफटीए देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को भी महत्वपूर्ण माना गया है। आर्थिक मामलों के अलावा शिक्षा, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में भी दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क रहा है।
गाइ पार्मेलिन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और ईएफटीए के बीच आर्थिक साझेदारी से जुड़े सहयोग का नया चरण आगे बढ़ रहा है। टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर होने वाला समृद्धि शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों को समझौते की प्रगति और भविष्य के आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर देगा। राष्ट्रपति भवन में हुआ औपचारिक स्वागत और इसके बाद होने वाले उच्चस्तरीय कार्यक्रम भारत और स्विट्जरलैंड के बीच राजनीतिक संवाद तथा आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण गतिविधियों के रूप में देखे जा रहे हैं।
