तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो कैल्शियम की कमी भी हो सकती है वजह, जानिए किन संकेतों पर जांच जरूरी
बालों के झड़ने की वजह हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। पोषक तत्वों की कमी, लगातार तनाव, नींद की कमी, थायरॉइड की समस्या और आनुवंशिक कारण बालों की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं। आयरन, प्रोटीन, जिंक और बायोटिन की कमी भी बालों के झड़ने को बढ़ावा दे सकती है। ऐसे में कम उम्र में अचानक या लगातार बाल झड़ने लगें तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इसकी असली वजह समझना जरूरी है। बिना जांच किसी पोषक तत्व की कमी मानकर सप्लीमेंट लेना सही तरीका नहीं माना जाता।
कैल्शियम को आम तौर पर हड्डियों की सेहत से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसकी कमी बालों की सेहत को भी प्रभावित कर सकती है। गंभीर या लंबे समय तक रहने वाली कैल्शियम की कमी यानी हाइपोकैल्सीमिया के कारण बालों में बदलाव अधिक देखे जा सकते हैं। कैल्शियम की कमी से बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं और केराटिन के उत्पादन पर असर पड़ सकता है, जिससे बाल रूखे और कमजोर होने के साथ पतले या टूटने वाले हो सकते हैं। इसके अलावा कैल्शियम की कमी के साथ नाखून भी कमजोर होने लग सकते हैं। हालांकि, केवल कैल्शियम की कमी से बाल झड़ने की समस्या होना बहुत आम नहीं माना जाता।
पोषक तत्वों की कमी के मामले में विशेषज्ञों के अनुसार आयरन, प्रोटीन, जिंक और बायोटिन जैसे तत्वों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को इनके सप्लीमेंट लेने की जरूरत है। जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेना भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए यदि शरीर में किसी विटामिन या पोषक तत्व की कमी की आशंका हो तो डॉक्टर की सलाह पर ही दवा या सप्लीमेंट लेना चाहिए। बालों की समस्या का कारण पता किए बिना केवल किसी एक पोषक तत्व को जिम्मेदार मानकर उपचार शुरू करना उचित नहीं है।
रोज कुछ बाल गिरना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है और आम तौर पर रोज 30 से 50 बाल गिर सकते हैं। चिंता तब होती है जब बाल लगातार अधिक मात्रा में गिरने लगें, हेयरलाइन पीछे जाने लगे या बालों की घनत्व कम होने लगे। किसी बीमारी या तनाव के बाद होने वाला अत्यधिक हेयर शेडिंग कई बार कुछ महीनों बाद शुरू हो सकता है और कारण खत्म होने के बाद धीरे-धीरे सुधार भी हो सकता है। यदि बाल अचानक गुच्छों में गिर रहे हों, गोल-गोल पैच बन रहे हों या सिर की त्वचा पर लालिमा और सूजन दिखाई दे रही हो, तो सही कारण का पता लगाने के लिए समय रहते जांच और इलाज जरूरी है।
