अभिजीत दीपके मुंबई की सड़क पर चेहरे पर नकाब लगाकर निकले, बोले- कई महीनों बाद अकेले चलने का मिला मौका
दरअसल, सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने के बाद अभिजीत दीपके काफी चर्चित हो चुके हैं। उनके समर्थकों और आलोचकों की बड़ी संख्या है। ऐसे में आम लोगों की तरह सार्वजनिक जगहों पर अकेले घूमना उनके लिए आसान नहीं रहता। मुंबई में जब ट्रैफिक जाम के कारण उनकी गाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रही थी, तब उन्होंने कार से उतरकर पैदल चलने का फैसला किया।
दीपके ने इस दौरान अपने चेहरे को रुमाल से ढक लिया था। उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने इस पल को कैमरे में रिकॉर्ड किया और उनसे सड़क पर अकेले चलने के अनुभव के बारे में पूछा। इस पर दीपके ने खुशी जताते हुए कहा कि कई महीनों बाद वह इस तरह सड़क पर अकेले चल रहे हैं। उन्होंने ट्रैफिक रुकने की स्थिति को ही उनके लिए पैदल चलने का मौका बनने वाला कारण बताया।
दीपके ने कहा कि सड़क पर कोई उनके साथ नहीं है और इस तरह अकेले चलना उन्हें अच्छा लग रहा है। उन्होंने इसे अच्छा अनुभव बताया। चेहरे पर नकाब लगाने की वजह से वह कुछ समय के लिए आम लोगों की तरह सड़क पर पैदल चल सके।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अभिजीत दीपके और उनके संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन की शुरुआत 2 अक्टूबर से मुंबई में करने की घोषणा की गई है। संगठन की ओर से मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की योजना बताई गई थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने शिवाजी पार्क के इस्तेमाल से जुड़े नियमों और अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है।
दीपके ने अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आंदोलन जारी रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर प्रदर्शन के अधिकार से रोका गया तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है। यह मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को लेकर उठाई गई है।
चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि संस्थागत विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है तथा आयोग के फैसले कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप हैं। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अभिजीत दीपके इससे पहले भी आंदोलनों को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उनका मुंबई की सड़क पर नकाब लगाकर अकेले पैदल चलना भी चर्चा का विषय बन गया है। उनके मुताबिक, ट्रैफिक जाम की वजह से मिला यह मौका उन्हें कई महीनों बाद सामान्य तरीके से सड़क पर चलने का अनुभव दे गया।
