October 1, 2026

भोपाल IAS मर्डर केस: घर में गला रेती लाश और फरार केयरटेकर ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती लूट से लेकर पुराने विवाद तक जांच

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नई दिल्ली। भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद पुलिस की जांच कई एंगल पर आगे बढ़ रही है। 30 सितंबर की सुबह अग्रवाल अपने घर में मृत मिले थे। उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान थे। घटना के बाद पुलिस ने घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही उनके पुराने विवादों और हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच में करीब 11 महीने पुराने एक करोड़ रुपए से अधिक के कथित धोखाधड़ी मामले का एंगल भी सामने आया है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुराने मामले का हत्या से सीधा संबंध है।

जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी। आरोप था कि कंपनी में निवेश कराने और बेहतर रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर उनसे एक करोड़ रुपए से अधिक की रकम अलग अलग किस्तों में ली गई थी। रकम वापस नहीं मिलने के बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद अक्टूबर 2025 में पुलिस ने अजीत पाटनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था और उसे गिरफ्तार किया गया था। अब इसी मामले में अग्रवाल की गवाही और अदालत में चल रही कार्रवाई को भी पुलिस जांच के दायरे में रख रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या गवाही या कोर्ट की कार्रवाई को लेकर राकेश अग्रवाल पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था। हालांकि अभी तक ऐसा कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि पुराने धोखाधड़ी मामले के कारण ही हत्या हुई। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

इस बीच हत्या की जांच में घर के केयरटेकर अरुण का नाम प्रमुखता से सामने आया है। पुलिस के अनुसार वारदात रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच होने की आशंका है। इसके बाद करीब 2 बजकर 15 मिनट पर अरुण सीसीटीवी कैमरे में सूरज नगर से भदभदा की तरफ जाता दिखाई दिया। फुटेज में उसके पास पिट्ठू बैग भी नजर आने की बात सामने आई है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस की पांच टीमें और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी हैं। उसकी आखिरी लोकेशन कुरवाई बीना रोड की ओर मिलने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस लूट के एंगल की भी जांच कर रही है। घर में सामान और अलमारी की स्थिति को देखते हुए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या हत्या के पीछे चोरी या लूट का मकसद था। इसके साथ ही मृतक के पुराने मामलों कोर्ट से जुड़े दस्तावेज परिचितों और हाल के संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पुलिस को यह भी पता चला है कि केयरटेकर को एक होम हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के घर काम पर रखा गया था। पुलिस एजेंसी के कार्यालय पहुंचकर उसके दस्तावेज नौकरी से जुड़ी जानकारी और पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित रिकॉर्ड जुटा रही है। इन दस्तावेजों के आधार पर उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस केयरटेकर की गिरफ्तारी को अहम मान रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के बाद हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर तस्वीर ज्यादा साफ हो सकती है। मुख्यमंत्री ने भी डीजीपी को मामले की निगरानी करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस पुराने धोखाधड़ी विवाद लूट और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

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