शिवपुरी में एक काले कुत्ते का आतंक, 35 से ज्यादा लोगों को काटा, बच्चों समेत घायलों से भर गया जिला अस्पताल
बताया गया कि कुत्ते ने अचानक राह चलते लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया था। मनियर, गुरुद्वारा चौराहा, लुहारपुरा और पुरानी शिवपुरी के राधा रमण मंदिर क्षेत्र में उसके हमलों की जानकारी सामने आई। अचानक हुए हमलों के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया और कई लोग जरूरी काम के लिए भी सतर्क होकर घरों से बाहर निकलते नजर आए।
मनियर क्षेत्र में करीब पांच लोगों के कुत्ते के काटने की जानकारी सामने आई। घायलों में एक छह साल का बच्चा भी शामिल है। इसके अलावा गुना निवासी राजू, शांति नगर निवासी प्रमोद कुशवाह और मनियर निवासी हृदेश उपाध्याय के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
हृदेश उपाध्याय के भाई रूपेश उपाध्याय के मुताबिक, मनियर इलाके में कुत्ते ने अचानक कई लोगों को अपना शिकार बनाया। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोगों में भय का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों को आशंका थी कि कुत्ता आगे भी किसी राहगीर पर हमला कर सकता है।
कुत्ते के हमलों के बाद जिला अस्पताल में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। रविवार सुबह तक अस्पताल में 35 नए मरीजों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा चुके थे। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी सिविल सर्जन को दी। कुछ घायलों ने जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी उपचार कराया।
घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद नगर पालिका भी सक्रिय हो गई। नगर पालिका के सीएमओ यशवंत राठौड़ ने कुत्ते को पकड़ने के लिए टीम को मौके पर भेजा। डॉग स्क्वाड ने अलग-अलग इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। टीम ने उन स्थानों पर भी खोजबीन की, जहां कुत्ते के हमले की जानकारी मिली थी।
काफी तलाश के बाद नगर पालिका की टीम ने आखिरकार काले रंग के कुत्ते को पकड़ लिया। कुत्ते के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली। लगातार हो रहे हमलों से परेशान लोगों को इसके बाद कुछ राहत मिली।
एक ही कुत्ते के हमले में 35 से ज्यादा लोगों के घायल होने की घटना ने शहर में आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने ऐसे कुत्तों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल हमलावर कुत्ते को नगर पालिका की टीम ने पकड़ लिया है। वहीं, कुत्ते के काटने से घायल लोगों का उपचार कराया जा रहा है और उन्हें रेबीज से बचाव के लिए जरूरी इंजेक्शन दिए गए हैं। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में लोग सतर्क नजर आ रहे हैं।
