September 27, 2026

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पैतृक घर पर खुद गेती चलाकर शुरुआत की

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उज्जैन: में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान तक पहुंच गई है। रविवार को मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक घर के प्रभावित हिस्से पर खुद गेती चलाकर सड़क चौड़ीकरण के काम की शुरुआत की। इस दौरान उनके बचपन से जुड़ा यह मकान भी विकास योजना के दायरे में आया।

जिस घर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बचपन बीता, उसी मकान का हिस्सा अब प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए हटाया जा रहा है। यह घर उनके परिवार की पुरानी स्मृतियों से जुड़ा रहा है। ऐसे में मकान के प्रभावित हिस्से को खुद हटाने की शुरुआत करना इस पूरी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा।

सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए उज्जैन में सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मार्गों के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इसी क्रम में खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक जाने वाले मार्ग को चौड़ा किया जाना है।

करीब 730 मीटर लंबे इस मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई 15 मीटर रखी गई है। सड़क चौड़ीकरण और इससे जुड़े विकास कार्य पर लगभग 9.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस मार्ग को चौड़ा करने की कार्रवाई सिंहस्थ के दौरान यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

प्रस्तावित चौड़ीकरण की जद में कई भवन आए हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी शामिल है। रविवार को मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने मकान के प्रभावित हिस्से पर गेती चलाकर इस काम की शुरुआत की। इस दौरान घर और उससे जुड़ी पुरानी स्मृतियों का भावनात्मक पक्ष भी सामने आया।

पैतृक घर किसी भी व्यक्ति के लिए सिर्फ एक इमारत नहीं होता। उसमें परिवार के साथ बिताया समय, बचपन की यादें और जीवन के शुरुआती दौर से जुड़ी कई स्मृतियां होती हैं। मुख्यमंत्री के मामले में भी यह मकान उनके बचपन से जुड़ा रहा है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण के लिए इसके हिस्से को हटाने की प्रक्रिया सामान्य निर्माण कार्य से अलग भावनात्मक संदर्भ रखती है।

हालांकि सड़क चौड़ीकरण का काम सार्वजनिक सुविधा और आगामी सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़ा है। इसी योजना के तहत खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक मार्ग को निर्धारित चौड़ाई में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए प्रभावित भवनों के हिस्सों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

रविवार की कार्रवाई में मुख्यमंत्री का अपने ही पैतृक मकान पर गेती चलाना इस बात को भी रेखांकित करता है कि प्रस्तावित सड़क परियोजना का असर उनके परिवार की संपत्ति पर भी पड़ा है। जिस घर से उनका बचपन जुड़ा रहा, उसी के हिस्से को उन्होंने स्वयं हटाने की शुरुआत की।

उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का यह काम शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़ा है। 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना पर लगभग 9.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान पर रविवार को गेती चलने के साथ इस हिस्से में चौड़ीकरण की कार्रवाई ने एक अलग मानवीय पहलू भी सामने रखा।

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