यूपी में 36 घंटे बाद मौसम सामान्य होने के आसार, 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, 117 मकान क्षतिग्रस्त
प्रभावित परिवारों से मिलेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत और बचाव व्यवस्था सक्रिय रखी गई है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर हालात का आकलन करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तुरंत निर्णय लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता
नेपाल में हो रही भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के लिए कहा गया है।
राहत आयुक्त ने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित इलाकों में टीमें लगातार भ्रमण कर स्थिति की निगरानी करेंगी।
36 घंटे बाद राहत मिलने की उम्मीद
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 36 घंटे बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें।
किसी भी आपदा या आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी 1070 हेल्पलाइन दर्ज है।
63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
राहत आयुक्त के मुताबिक, प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई। सबसे ज्यादा अंतर फर्रुखाबाद में रहा, जहां सामान्य से 200 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। कानपुर नगर में यह आंकड़ा 160 गुना, जबकि कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक रहा।
भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य बारिश दर्ज हुई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश हुई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश दर्ज नहीं हुई।
117 मकान क्षतिग्रस्त
पिछले 48 घंटे में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को बारिश से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन कराने को भी कहा गया है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द राहत दी जा सके। फील्ड अधिकारियों को फसलों को हुए नुकसान का भी त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
फायर सर्विस और आपदा मित्रों की मदद लेने के निर्देश
प्रशासन को जरूरत के अनुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए हैं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिलाधिकारियों को खुद फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भी बारिश प्रभावित जिलों में अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरत के मुताबिक स्थानीय स्तर पर स्कूलों समेत गैर-जरूरी सेवाओं के संबंध में निर्णय लेने को कहा है।
कच्चे मकानों और जलभराव वाले इलाकों पर नजर
प्रशासन ने लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों को कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति पर तत्काल नजर रखने को कहा है। जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
