तृषा कृष्णन पर टिप्पणी को लेकर सीएम विजय का DMK पर हमला, मदुरंतकम उपचुनाव में भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना
नई दिल्ली । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान डीएमके पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। तृषा कृष्णन से जुड़ी विवादित टिप्पणी के संदर्भ में उन्होंने डीएमके नेताओं पर निशाना साधते हुए पार्टी को चुनावी मुकाबले में अपनी मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताया। इस दौरान उन्होंने एमके स्टालिन के लिए ‘स्वीट अंकल’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि राजनीतिक लड़ाई उनकी पार्टी टीवीके और डीएमके के बीच है।
मदुरंतकम में होने वाला विधानसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस सीट से मारगाथम कुमारवेल को टीवीके ने उम्मीदवार बनाया है। वह इससे पहले एआईएडीएमके के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं, लेकिन बाद में विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो गईं। इसी घटनाक्रम के बाद मदुरंतकम सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी है।
प्रचार के दौरान विजय ने आरोप लगाया कि डीएमके के नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का काम जनता की सेवा करना है और सरकार को चुनावी वादों तथा कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को नहीं छोड़ेगी।
विजय ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डीएमके को घेरते हुए कहा कि जब वह विधानसभा में भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं तो विपक्ष उनसे सबूत मांगता है। उनके मुताबिक, भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने पर उन्हें विधानसभा में बोलने से रोकने और बदनाम करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने पुराने मामलों का उल्लेख किए जाने पर डीएमके की आपत्ति का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने चुनावी मुकाबले को दो राजनीतिक ताकतों के बीच बताया। उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके को ‘अच्छी ताकत’ और डीएमके को ‘बुरी ताकत’ के रूप में पेश किया। यह उनके चुनावी भाषण का राजनीतिक दावा था, जबकि उपचुनाव में कई दल अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं।
विजय ने एआईएडीएमके पर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वह अब डीएमके की एक शाखा जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि डीएमके के लिए उनका विरोध नया नहीं है और इसकी तुलना उन्होंने एमजीआर तथा जयललिता के दौर की राजनीतिक लड़ाई से की।
तृषा कृष्णन से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने डीएमके के नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इससे पहले इस मामले को लेकर टीवीके कार्यकर्ताओं और महिला विंग की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि इस पूरे विवाद में लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
विजय सरकार द्वारा 24 अगस्त को परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद्द किए जाने का मुद्दा भी उनके भाषण में सामने आया। सरकार ने इस फैसले के पीछे कृषि भूमि, किसानों की आजीविका और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को आधार बताया था। परियोजना रद्द किए जाने के बाद डीएमके और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव भी सामने आया।
मदुरंतकम उपचुनाव के बीच विजय का यह अभियान टीवीके और डीएमके के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से चुनावी मुद्दों और सरकार के कामकाज को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
