September 25, 2026

मध्य प्रदेश में 20 साल बाद सुगम परिवहन की शुरुआत, पहले चरण में 351 बसें चलेंगी, रात में भी मिलेगी सेवा

0
29-1790333641
मध्य प्रदेश: में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की जा रही है। करीब 20 साल बाद प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल की गई है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक, किफायती और बेहतर कनेक्टिविटी वाला सफर मिल सकेगा। योजना का पहला चरण 351 बसों के साथ शुरू होगा।

इस सेवा के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड सहित विभिन्न शहरों में बसें संचालित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक पूरे प्रदेश में 15 हजार बसें चलाने का है। इस लक्ष्य के पूरा होने पर प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार होगा और अधिक लोगों को नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था में यात्रियों को निर्धारित स्टॉप पर बसों का इंतजार कम करना पड़ेगा। बसों के संचालन का अंतराल मार्ग और सेवा के अनुसार 5 से 30 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। कुछ मार्गों पर यात्रियों को हर 10 से 15 मिनट में बस मिलने की सुविधा भी मिलेगी। इससे रोजाना कामकाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए बस से यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत होगी।

यात्रियों को बसों की जानकारी हासिल करने के लिए भी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मोबाइल फोन पर बस की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन टिकट की सुविधा भी मिलेगी। इससे यात्रियों को बस के आने का अनुमान लगाने और टिकट प्राप्त करने में आसानी होगी। निर्धारित किराया व्यवस्था लागू होने से मनमाने किराए पर भी नियंत्रण रखने का प्रयास किया जाएगा।

बसों का किराया लगभग दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे नियमित यात्रियों को यात्रा खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया गया है। इन बसों से सीधे धुएं का उत्सर्जन नहीं होगा, जिससे वायु प्रदूषण कम करने में सहायता मिल सकती है। भोपाल जैसे शहर में, जहां झीलों और पर्यावरण का विशेष महत्व है, इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उपयोगी माना जा रहा है।

नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध रहेंगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। इससे यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर ध्यान दिया जा सकेगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी बसों में चढ़ने और उतरने की सुविधा बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

इस सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता रात में भी बसों का संचालन है। इससे देर शाम या रात के समय यात्रा करने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकेगा। खासकर उन यात्रियों को फायदा हो सकता है, जिन्हें कामकाज या अन्य कारणों से सामान्य समय के बाद भी आवागमन करना पड़ता है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए प्रदेश में बस यात्रा को अधिक नियमित, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की योजना है। पहले चरण में 351 बसों से शुरू होने वाली यह व्यवस्था आगे चलकर बड़े परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बनेगी। वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में सेवा का विस्तार किया जाएगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *