September 23, 2026

पांच बार बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड जीत चुकीं शबाना आजमी, कभी 30 रुपये में बेचती थीं कॉफी

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नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा में शबाना आजमी का नाम दमदार अभिनय और शानदार फिल्मी सफर के लिए जाना जाता है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पांच बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतना शामिल है। यह उपलब्धि उन्हें अलग पहचान देती है। उन्होंने अलग-अलग फिल्मों में चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और हर बार अपने अभिनय की अलग छाप छोड़ी।

शबाना आजमी ने जिन फिल्मों के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया, उनमें ‘अंकुर’, ‘अर्थ’, ‘खंडहर’, ‘पार’ और ‘गॉडमदर’ शामिल हैं। उनकी पहली ही फिल्म ‘अंकुर’ ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इसके बाद उनके अभिनय का सिलसिला लगातार मजबूत होता गया।

वर्ष 1974 में रिलीज हुई ‘अंकुर’ से शबाना ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। फिल्म में उन्होंने एक ग्रामीण महिला की भूमिका निभाई थी। अपने शुरुआती ही काम में उन्होंने किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया और इसी फिल्म के लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

इसके बाद ‘अर्थ’ में उन्होंने शादीशुदा जिंदगी से जुड़े भावनात्मक संघर्षों को पर्दे पर उतारा। इस भूमिका के लिए उन्हें दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इसके अगले वर्ष ‘खंडहर’ में उनके गंभीर अभिनय को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला।

‘पार’ में निभाया गया रामा का किरदार उनके पुरस्कारों की सूची में चौथी उपलब्धि लेकर आया। इसके बाद लंबे अंतराल के बाद 1998 में आई ‘गॉडमदर’ में उन्होंने रामबाई का किरदार निभाया। इस भूमिका में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली और उन्हें पांचवीं बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

शबाना आजमी का सफर इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि फिल्मी परिवार से आने के बावजूद उनके शुरुआती जीवन में मेहनत और आत्मनिर्भरता का अनुभव रहा। वह प्रसिद्ध कवि कैफी आजमी और रंगमंच से जुड़ी शौकत आजमी की बेटी हैं। कॉलेज के दिनों में उन्होंने अपनी पॉकेट मनी के लिए काम किया था।

बताया जाता है कि उन्होंने मुंबई के एक पेट्रोल पंप पर कॉफी प्रमोटर के तौर पर काम किया। वहां वह आने वाले लोगों को कॉफी बेचती थीं और इस काम के बदले उन्हें रोजाना 30 रुपये मिलते थे। उस दौर का यह अनुभव उनके जीवन के संघर्ष और मेहनत से जुड़े अध्यायों में शामिल है।

अभिनय को पेशे के तौर पर चुनने के लिए शबाना ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से प्रशिक्षण लिया। वहां उन्होंने अभिनय का कोर्स किया और गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद ‘अंकुर’ से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई और उन्होंने जल्द ही गंभीर भूमिकाओं के लिए अपनी अलग पहचान बना ली।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के अलावा शबाना आजमी को भारत सरकार की ओर से पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं। उनका करियर कई दशकों में फैला हुआ है और उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ रंगमंच में भी काम किया है।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार की बात करें तो शबाना आजमी की पांच जीत एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड है। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में अमिताभ बच्चन और ममूटी चार-चार बार यह सम्मान हासिल कर चुके हैं। शबाना की उपलब्धियां उनके लंबे और विविधतापूर्ण फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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