200 करोड़ रंगदारी मामले में जैकलीन को आरोपी बनाने की मांग, अदालत ने याचिका खारिज की
विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह की अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इसमें जिन लोगों को अतिरिक्त आरोपी बनाए जाने की मांग की गई है, उनके खिलाफ इस स्तर पर पर्याप्त आधार सामने नहीं आता। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों और उपलब्ध बयानों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।
याचिकाकर्ता का मामला मुख्य रूप से सह-आरोपी पिंकी ईरानी के उस बयान पर आधारित था, जो महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी मकोका की धारा 18 के तहत दर्ज किया गया था। अदालत ने इस बयान को आधार मानते हुए याचिका में लगाए गए दावों की जांच की।
अदालत ने कहा कि यदि पिंकी ईरानी के बयान को पूरी तरह सही मान भी लिया जाए, तब भी उसमें उन लोगों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती, जिन्हें सुकेश के निर्देश पर महंगे उपहार दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में केवल इस बयान के आधार पर जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को नए आरोपी के तौर पर तलब करने का आधार नहीं बनता।
सुनवाई के दौरान अदालत ने लीपाक्षी एलावाड़ी के बयान का भी उल्लेख किया। कोर्ट के मुताबिक, मामले में उपलब्ध सामग्री को देखते हुए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत किसी अतिरिक्त आरोपी को तलब करने के लिए आवश्यक आधार इस स्तर पर स्थापित नहीं होता।
नवास कक्कट की ओर से दायर याचिका में अपने ऊपर लगे आरोपों से संबंधित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया था। दावा किया गया कि वह सुकेश चंद्रशेखर के निर्देश पर कथित अपराध से जुड़ी रकम को अलग-अलग स्थानों पर रखने, उसे स्थानांतरित करने और उसके लेनदेन को संभालने में मदद करता था।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि बॉलीवुड से जुड़े लोगों के लिए महंगे उपहार और अन्य कीमती सामान खरीदने के भुगतान की व्यवस्था में भी उसकी भूमिका थी। इसके लिए बैंक खातों में लेनदेन से संबंधित प्रविष्टियां कराने की बात कही गई थी।
मामले में जैकलीन फर्नांडीस का नाम पहले भी सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े विवाद में सामने आता रहा है। हालांकि, मौजूदा सुनवाई में अदालत के सामने सवाल यह था कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर उन्हें इस मामले में अतिरिक्त आरोपी के तौर पर तलब किया जा सकता है या नहीं।
अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से रखे गए आधारों और संबंधित बयानों पर विचार करने के बाद माना कि अतिरिक्त आरोपी को तलब करने के लिए जरूरी कानूनी आधार मौजूद नहीं है। इसी के साथ जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को आरोपी बनाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई।
