सिम का दुरुपयोग अब पड़ेगा भारी…. हो सकती है 3 साल की जेल और 50 लाख तक का जुर्माना
नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग (Telecommunications Department) ने सोमवार को फर्जी तरीके से सिम (Sim) जारी करने, दूरसंचार पहचान संख्या के गलत इस्तेमाल और आईएमईआई नंबर (IMEI number) से छेड़छाड़ को लेकर सावधान किया है। विभाग ने कहा कि ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
मध्य प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र (एलएसए) में फर्जी तरीके से सिम जारी किए जाने से जुड़ा मामला सामने आने के बाद यह सलाह जारी की गई। जांच में पता चला कि छत्तीसगढ़ में एक प्वाइंट ऑफ सेल एजेंट ने नागरिकों के दस्तावेजों का उनकी जानकारी के बिना इस्तेमाल कर 25 मोबाइल कनेक्शन जारी कर दिए। इसके बाद दूरसंचार विभाग, संबंधित कंपनियों ने पीओएस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। साथ ही भविष्य में नई सिम जारी करने पर रोक लगा दी।
बताया जा रहा है कि पीओएस द्वारा जारी 25 मोबाइल नंबरों की दूरसंचार विभाग के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर जांच की गई। संदिग्ध नंबरों का दोबारा सत्यापन कराया गया और जो नंबर सत्यापन में विफल रहे, उन्हें बंद कर दिया गया।
आईएमईआई नंबर से छेड़छाड़ भी अपराध
विभाग ने कहा, मोबाइल फोन के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान नंबर (आईएमईआई) से छेड़छाड़ या बदला हुआ आईएमईआई इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
गलत इस्तेमाल पर ग्राहक भी होगा जिम्मेदार
दूरसंचार विभाग ने कहा कि अपने नाम पर जारी सिम दूसरे को देना या बेचना भारी पड़ सकता है। अगर उस सिम का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो मूल ग्राहक की भी कानूनी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में संचार साथी पोर्टल सिम की जांच करते रहे।
दूरसंचार विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि वे अपने नाम से जारी किए गए सिम कार्ड साझा न करें या स्थानांतरित न करें क्योंकि सिम का दुरुपयोग पाए जाने पर कानूनी दायित्व मूल ग्राहक पर आ सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ‘संचारसाथी’ पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से नियमित रूप से अपने मोबाइल कनेक्शन की जांच करें।
विभाग ने कहा है कि लोगों को ऐसे मॉडेम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स या अन्य ऐसे उपकरण जिनका आईएमईआई नंबर बदला जा सकता है या जिनमें छेड़छाड़ की जा सकती है, उनका उपयोग न करें या उन्हें असेंबल न करायें। लोगाें को जाली दस्तावेजों, धोखाधड़ी और जालसाजी से सिम कार्ड प्राप्त करने,अपने नाम से प्राप्त सिम कार्डों को ऐसे लोगों को हस्तांतरित करने, बेचने या सौंपने से बचने की सलाह दी गयी है जो उनका दुरुपयोग कर सकते हैं।
विभाग ने याद दिलाया है कि कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी या दूरसंचार पहचान से जुड़ी अन्य चीजों को बदलने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट या किसी अन्य माध्यम का उपयोग करना , अपने नाम से सिम कार्ड प्राप्त करना और बाद में साइबर धोखाधड़ी या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में दुरुपयोग के लिए सिम कार्ड को उधार देना, किराए पर देना या उसका दुरुपयोग करना भी कानूनी दृष्टि से गलत है। और इससे मूल ग्राहक के लिए कानूनी दायित्व उत्पन्न हो सकता है।
