15 बार देख चुकी हैं 'हनुमान अंश' फिर भी हर बार छलक आते हैं आंसू! नीम करोली बाबा की बेटी से मुलाकात का रागिनी सोना ने खोला राज
रागिनी सोना के मुताबिक फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की इच्छा थी कि फिल्म को आगे बढ़ाने से पहले नीम करोली बाबा के परिवार का आशीर्वाद लिया जाए। इसी सिलसिले में टीम ने अम्मा जी से संपर्क किया। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वह हनुमान अंश फिल्म देखना चाहेंगी तो उन्होंने कहा कि जब उन्हें सही समय लगेगा तब वह फिल्म देखेंगी। रागिनी के मुताबिक अब तक अम्मा जी फिल्म को करीब 15 बार देख चुकी हैं और हर बार फिल्म देखते हुए उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं।
रागिनी ने बताया कि मुलाकात के दौरान अम्मा जी ने उनसे फिल्म बनाने की प्रेरणा के बारे में पूछा। इसके जवाब में उन्होंने अपने बचपन का एक अनुभव साझा किया। रागिनी ने बताया कि जब वह छह साल की थीं तब उनकी मुलाकात नीम करोली बाबा से हुई थी। वहीं विशाल ने बाबा को लेकर किए गए अपने शोध के बारे में बताया। बातचीत के दौरान रागिनी ने यह भी बताया कि उनके पिता नैनीताल में पोस्टेड थे। इसके बाद उनके अनुसार फोन पर ऐसा अनुभव हुआ जिसे वह आज भी चमत्कार मानती हैं।
रागिनी के मुताबिक अम्मा जी ने अचानक उनके पिता का नाम बता दिया। इसके बाद उन्होंने आगरा स्थित उनके करीब 50 साल पुराने घर की लोकेशन तक बता दी और उनके बड़े भाई का नाम भी लिया। रागिनी का कहना है कि अम्मा जी ने कहा कि उन्हें सब कुछ अपनी आंखों के सामने साफ दिखाई दे रहा है। इस दौरान फिल्म निर्देशक विशाल भी मौजूद थे और रागिनी ने उन्हें इस अनुभव का प्रत्यक्षदर्शी बताया।
इस घटना से रागिनी बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने अम्मा जी से पूछा कि उन्हें यह सब कैसे पता चला। रागिनी के अनुसार अम्मा जी ने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और कहा कि उन्हें खुद नहीं पता लेकिन सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था। इस अनुभव के बाद रागिनी का विश्वास और मजबूत हो गया कि शायद उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए बाबा का आशीर्वाद मिला है।
रागिनी और उनकी टीम ने नीम करोली बाबा के पोते धनंजय जी से भी मुलाकात की। उन्होंने उनके सरल स्वभाव का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा का संदेश सभी से प्रेम करने और सभी को भोजन कराने का था और परिवार आज भी इस भावना को आगे बढ़ा रहा है।
रागिनी ने क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक दोनों ने नई पीढ़ी के बीच नीम करोली बाबा को लेकर जिज्ञासा बढ़ाने में भूमिका निभाई है। रागिनी का कहना है कि कुछ आध्यात्मिक अनुभव ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में पूरी तरह समझाना मुश्किल होता है और केवल महसूस किया जा सकता है। उनके अनुसार हनुमान अंश अब दर्शकों को नीम करोली बाबा के जीवन और संदेश से परिचित कराने का एक माध्यम बन गई है।
