September 20, 2026

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी पर सियासत तेज, हिमंत सरमा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

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नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कांग्रेस नेता ने प्रत्याशी की गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताया था।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस ने अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने दावा किया कि मिलन प्रधान के खिलाफ करीब 19 साल पुराने मामले लंबित थे और इन्हीं मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है।

असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उनके बयानों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस व्यक्ति को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनाया है, उसके खिलाफ पुराने आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2007 में मिलन प्रधान के खिलाफ हत्या से जुड़े दो या तीन मामले दर्ज किए गए थे।

हिमंत सरमा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं, तो पुलिस के लिए कार्रवाई करना उसके कर्तव्य का हिस्सा है। उन्होंने इसी आधार पर नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी को उचित ठहराया।

राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए हिमंत सरमा ने बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने राहुल गांधी को पागल व्यक्ति बताया और उनके अलग-अलग सार्वजनिक रूपों का जिक्र करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि कभी राहुल गांधी दाढ़ी के साथ दिखाई देते हैं, कभी बिना दाढ़ी के और कभी विदेश में तो कभी भारत में नजर आते हैं।

इस पूरे विवाद की शुरुआत मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद हुई। राहुल गांधी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़कर देखा था। इसके बाद हिमंत सरमा ने राहुल गांधी के बयान का जवाब देते हुए गिरफ्तारी के पीछे लंबित मामलों और पुलिस की कार्रवाई का उल्लेख किया।

पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार, मिलन प्रधान को चार लंबित मामलों में जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक ये वारंट गैर-जमानती मामलों में कथित संलिप्तता से जुड़े हैं। इन मामलों का संबंध वर्ष 2007 में नंदीग्राम में हुए भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज घटनाओं से बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, लंबित मामलों में दंगा, हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच पुलिस ने इन्हीं लंबित मामलों और वारंट को कार्रवाई का आधार बताया है।

नंदीग्राम उपचुनाव के मद्देनजर मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर कांग्रेस की तरफ से गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर हिमंत सरमा ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया है। फिलहाल विवाद का केंद्र प्रत्याशी की गिरफ्तारी, पुराने मामलों में जारी वारंट और इस कार्रवाई को लेकर सामने आए राजनीतिक बयानों पर बना हुआ है।

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