September 20, 2026

2027 चुनाव के बाद क्या होगी योगी आदित्यनाथ की भूमिका, PM पद की अटकलों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया रुख

0
9-1789890889

नई दिल्ली ।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भविष्य की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि 2027 के चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ की भूमिका क्या होगी और क्या वह राष्ट्रीय राजनीति में कोई बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। प्रधानमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की है।

एक इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि 2027 के बाद वह खुद को राष्ट्रीय राजनीति में कहां देखते हैं और क्या प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए जिम्मेदारी और देशहित सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी है, जिसे वह बड़ी जिम्मेदारी मानते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने पर है। उन्होंने राज्य के आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। उनके जवाब में प्रधानमंत्री पद के लिए किसी तरह की दावेदारी सामने नहीं आई। मुख्यमंत्री ने अपनी मौजूदा जिम्मेदारी को ही केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश की सेवा और बेहतर शासन पर जोर दिया।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे पर भी उनसे सवाल किया गया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग का फैसला संगठन से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का फायदा समाज के हर वर्ग, जिले और परिवार तक पहुंचना जरूरी है। उनके अनुसार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग का विकास होना चाहिए और लोग राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें, यह भी महत्वपूर्ण है।

इंटरव्यू के दौरान अयोध्या के बाद काशी और मथुरा पर ध्यान केंद्रित किए जाने को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा उत्तर प्रदेश की विरासत का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक विरासत का संरक्षण और विकास एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2021 में इसके उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे। उनके अनुसार इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला। नाव चलाने वालों, दुकानदारों, पुजारियों, ऑटो चालकों, होटल संचालकों और होम स्टे से जुड़े लोगों को इससे काम मिलने की बात उन्होंने कही।

योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों के विकास को केवल आस्था से जोड़कर नहीं देखा, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से भी जोड़ा। उनका कहना था कि विरासत को संरक्षित करने के साथ विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।

2027 के चुनाव से पहले योगी की भूमिका को लेकर अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने भविष्य की किसी भूमिका का दावा नहीं किया। उन्होंने फिलहाल उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी, विकास और शासन व्यवस्था को ही अपनी प्राथमिकता बताया।

इस तरह 2027 के बाद उनकी भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच योगी आदित्यनाथ का मौजूदा रुख उत्तर प्रदेश की सेवा और राज्य को आर्थिक, सामाजिक तथा प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *