MP में सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश के आसार, 45 जिलों में बरसे बदरा; भोपाल के बांधों के गेट खोले गए
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नए सिस्टम की ताकत और उसकी दिशा आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति तय करेगी। सिस्टम यदि मजबूत होता है तो प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर और बढ़ सकता है। मौसम की गतिविधियों में बदलाव के साथ पूर्वानुमान भी बदलने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश के लोगों को आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
इससे पहले शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में लगातार बारिश के बाद भदभदा और कलियासोत डैम में पानी की आवक बढ़ गई। इसके चलते भदभदा का एक और कलियासोत डैम के दो गेट खोलने पड़े। कलियासोत नदी में भी लगातार पानी पहुंच रहा है। वहीं कई इलाकों में बारिश के कारण नदी नाले उफान पर आ गए।
ब्यावरा में लगातार बारिश के कारण अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा और इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए। आगर मालवा जिले के नलखेड़ा समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई। रिपोर्ट के अनुसार नलखेड़ा में एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई जिसमें आठ लोगों की मौत की सूचना है। शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने बारिश के दौरान नदी नालों और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।
शनिवार को मध्य प्रदेश के करीब 45 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। इनमें शिवपुरी गुना अशोकनगर दतिया रीवा सीधी सिंगरौली सतना जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट डिंडौरी भोपाल राजगढ़ सीहोर विदिशा रायसेन शहडोल उज्जैन देवास रतलाम इंदौर धार झाबुआ बड़वानी खंडवा नर्मदापुरम बैतूल हरदा समेत कई जिले शामिल रहे।
बारिश के आंकड़ों में विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच बारिश दर्ज की गई। गुना के कुंभराज में चार इंच जबकि आगर मालवा के नलखेड़ा में 92 मिलीमीटर यानी करीब 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। आगर के बड़ौद में 2.9 इंच और गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच बारिश हुई।
मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में बारिश सामान्य से कम भी रही है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कमी दर्ज की गई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है और कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात भी बने हैं। अब नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना के बीच सितंबर के आखिरी दिनों में प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
