गणेशोत्सव पर घर में बनाएं हलवाई जैसे दानेदार मोतीचूर लड्डू, बेसन से तैयार होगी स्वादिष्ट मिठाई की आसान रेसिपी
मोतीचूर लड्डू बनाने के लिए एक कप बेसन, तीन-चौथाई कप पानी, एक कप चीनी, आधा कप पानी, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर, एक चुटकी ऑरेंज या येलो फूड कलर, एक बड़ा चम्मच मगज के बीज और तलने के लिए देसी घी या तेल की जरूरत होगी। चाशनी के लिए आधा छोटा चम्मच नींबू का रस भी इस्तेमाल किया जाता है, जिससे चाशनी जमने से बची रहती है।
सबसे पहले एक बाउल में एक कप बेसन लें। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए चिकना और बिना गुठलियों वाला पतला घोल तैयार करें। घोल बहुत ज्यादा गाढ़ा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इसी से बूंदी के छोटे-छोटे दाने तैयार किए जाएंगे।
अब कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। एक छेद वाली सामान्य कड़छी या कद्दूकस की मदद से बेसन का घोल गर्म तेल में डालें। कड़छी को कड़ाही के ऊपर हल्का थपथपाने पर घोल की छोटी-छोटी बूंदें तेल में गिरने लगेंगी। इन बूंदियों को केवल 10 से 15 सेकंड तक हल्का तलना है। इन्हें ज्यादा देर तक तलने से बूंदी कड़क हो सकती है, जबकि मोतीचूर लड्डू के लिए नरम दाने जरूरी होते हैं।
इसके बाद चाशनी तैयार करें। एक पैन में एक कप चीनी और आधा कप पानी डालकर गर्म करें। इसमें एक चुटकी फूड कलर, आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और आधा छोटा चम्मच नींबू का रस डालें। इसे तब तक गर्म करें जब तक चीनी पूरी तरह घुलकर हल्की चिपचिपी चाशनी न बन जाए। इसके लिए एक तार की चाशनी तैयार करने की जरूरत नहीं है।
अगर तैयार बूंदी के दाने थोड़े बड़े या असमान हैं, तो उन्हें ठंडा होने के बाद मिक्सी के जार में डालकर केवल एक-दो सेकंड चलाया जा सकता है। इससे बूंदी बारीक और दानेदार हो जाएगी तथा मोतीचूर जैसा टेक्सचर तैयार होगा। ध्यान रखें कि मिक्सी को ज्यादा देर तक न चलाएं।
अब तैयार बूंदी को गरमा-गरम चाशनी में डालें और धीमी आंच पर करीब दो मिनट तक पकाएं। इस दौरान बूंदी चाशनी को अच्छी तरह सोख लेगी। इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण में मगज के बीज डालकर मिला दें। मिश्रण को ढककर करीब 10 मिनट के लिए छोड़ दें।
जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तो हाथों में थोड़ा सा घी लगाएं और इसे गोल आकार देते हुए लड्डू बांध लें। इस तरह घर पर ही दानेदार और स्वादिष्ट मोतीचूर लड्डू तैयार हो जाएंगे। इन्हें भगवान गणेश को भोग में चढ़ाने के साथ परिवार के सदस्यों को भी परोसा जा सकता है।
