अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज की टक्कर, भारत ने राजनयिक स्तर पर दर्ज कराया कड़ा विरोध
घटना के समय भारतीय नौसेना का युद्धपोत उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तान नौसेना का ऑफशोर पेट्रोल जहाज PNS Hunain भारतीय युद्धपोत के करीब पहुंचा। भारतीय पक्ष के अनुसार, पाकिस्तानी जहाज तेज गति से आगे बढ़ रहा था और उसके संचालन का तरीका सुरक्षित नहीं था। इसी दौरान दोनों जहाजों के बीच टक्कर हो गई।
बताया गया है कि भारतीय युद्धपोत की ओर से समुद्री रेडियो के चैनल 16 पर कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद पाकिस्तानी जहाज ने अपनी गति बढ़ाई और भारतीय युद्धपोत के आगे से निकलने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों नौसैनिक जहाज आपस में टकरा गए। भारतीय पक्ष के मुताबिक, टक्कर के बाद भी युद्धपोत का नियमित मिशन जारी रहा।
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया। उन्हें संबंधित पाकिस्तानी अधिकारियों तक भारत की आपत्ति पहुंचाने और समुद्र में सभी सैन्य इकाइयों को आवश्यक सावधानी बरतने के लिए कहने को कहा गया। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच लागू संबंधित समझौतों के प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
इस मामले में भारत ने अप्रैल 1991 में हुए भारत-पाकिस्तान समझौते के अनुच्छेद 10 का भी हवाला दिया है। इस प्रावधान के तहत अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों की नौसैनिक गतिविधियों के दौरान निर्धारित नियमों और सावधानियों का पालन करने की व्यवस्था है। भारत का कहना है कि समुद्र में सैन्य इकाइयों के संचालन के दौरान दोनों पक्षों को ऐसी परिस्थितियों से बचना चाहिए, जिनसे टक्कर या अन्य दुर्घटना की स्थिति पैदा हो।
भारत ने इस्लामाबाद में अपने चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने इस घटना पर विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस तरह मामले को दोनों देशों के राजनयिक चैनलों के माध्यम से उठाया गया है। भारतीय पक्ष ने समुद्री क्षेत्र में सैन्य इकाइयों के बीच सुरक्षित दूरी और सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच इस तरह की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। वर्ष 2011 में अदन की खाड़ी में भारतीय नौसेना के INS Godavari और पाकिस्तानी नौसेना के PNS Babur के बीच टक्कर हुई थी। उस समय भी दोनों देशों ने घटना को लेकर एक-दूसरे के रुख पर सवाल उठाए थे। भारत ने उस मामले में भी 1991 के समझौते के अनुच्छेद 10 का हवाला दिया था।
मौजूदा घटना में भारतीय युद्धपोत को किसी बड़े नुकसान या संरचनात्मक क्षति की जानकारी नहीं है और किसी व्यक्ति के घायल होने की भी खबर नहीं है। टक्कर के बाद भारत ने औपचारिक विरोध दर्ज कराते हुए समुद्र में सैन्य इकाइयों से तय सुरक्षा नियमों और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करने की आवश्यकता दोहराई है।
