सागर जहरीली शराब कांड में पहुंची NHRC टीम, पीड़ितों के बयान दर्ज नहीं होने पर पुलिस से नाराज
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीम मंगलवार को सागर पहुंची। आयोग सदस्य प्रियांक कानूनगो के नेतृत्व में टीम ने जगतार और घुघर गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और घटना के बाद की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान कई परिजनों ने पुलिस पर अब तक उनके बयान दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। पीड़ितों के बयान दर्ज नहीं होने की जानकारी सामने आने पर आयोग की टीम ने नाराजगी जताई और पुलिस को तत्काल बयान दर्ज करने के निर्देश दिए।
बंडा तहसील क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचाररत हैं। जहरीली शराब के सेवन से कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चले जाने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई जारी है।
पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
NHRC की टीम ने जगतार और घुघर गांवों में पहुंचकर जहरीली शराब त्रासदी में जान गंवाने वाले और प्रभावित लोगों के परिजनों से बातचीत की। परिवारों ने आयोग के समक्ष घटना से जुड़ी परेशानियों और पुलिस कार्रवाई की जानकारी रखी। परिजनों ने बताया कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने उनके बयान दर्ज नहीं किए हैं।
इस पर आयोग सदस्य प्रियांक कानूनगो ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों और उनके परिजनों के बयान जांच की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें तत्काल दर्ज किया जाना चाहिए।
‘सभी कानूनी प्रावधानों का पालन जरूरी’
पत्रकारों से चर्चा में प्रियांक कानूनगो ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोग घायल हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने मामले की जांच में सभी कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कानूनगो के मुताबिक पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि कई लोगों के बयान अब तक दर्ज नहीं किए गए हैं। इसके बाद पुलिस को पीड़ितों और उनके परिजनों के बयान तत्काल दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच में किसी तरह की कमी न रहे।
शराब आपूर्तिकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवारों ने आयोग के सामने यह आरोप भी लगाया कि स्थानीय शराब आपूर्तिकर्ताओं के बयान पुलिस ने नहीं लिए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की गई है। आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है।
प्रियांक कानूनगो ने बताया कि पुलिस से जिले में शराब के सभी एजेंटों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करना जरूरी है।
30 में से 19 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक 30 आरोपियों में से 19 को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत राजपूत अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
NHRC टीम के दौरे के बाद मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई की निगरानी बढ़ने की संभावना है। आयोग ने पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज करने के साथ ही अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर भी जोर दिया है।
