सीएम डॉ. मोहन यादव का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर, CSIR-AMPRI और PWD के बीच हुआ अहम समझौता
मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद वंदे मातरम का गायन हुआ। उन्होंने कहा कि अभियंता दिवस समारोह अभियांत्रिकी कार्यों में गुणवत्ता और नवाचार की संस्कृति को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी बनाई संरचनाएं उनकी सोच और तकनीकी क्षमता को दर्शाती हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि इंजीनियर शब्द में उन्हें इंजन का आभास होता है। इंजन वह होता है जो पूरी ताकत और क्षमता के साथ संचालन करता है। उन्होंने मध्यप्रदेश की स्थापत्य और शिल्प परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐतिहासिक इमारतों, चट्टानों को काटकर बनाए गए मंदिरों और उत्कृष्ट प्रतिमाओं के रूप में इंजीनियरिंग तथा कला-कौशल के अनेक उदाहरण मौजूद हैं। अजंता-एलोरा का कैलाश मंदिर, मंदसौर का धर्मराजेश्वर और अन्य प्राचीन संरचनाएं हजारों वर्षों पुरानी कला साधना की पहचान हैं।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने रानी दुर्गावती, सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज जैसी ऐतिहासिक विभूतियों को स्मरण किया है। उन्होंने कहा कि विभाग तकनीक के साथ नवाचार कर रहा है और अधोसंरचना निर्माण के लिए स्वयं संसाधन जुटाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के सभी विभाग विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और इसमें लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों का टीम वर्क महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीक नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता भी है। उन्होंने इंजीनियरों के लिए खोजी स्वभाव, अनुभव और परफेक्शन को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार पिछले नौ महीनों में प्रदेश के 85 प्रतिशत इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया गया है।
कार्यक्रम में CSIR-AMPRI भोपाल और लोक निर्माण विभाग के बीच हुए MoU के तहत फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़क निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा। इसके अलावा सीमेंट के बिना कांक्रीट सड़क निर्माण की तकनीक विकसित करने और सरकारी भवनों में ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी अपनाने की दिशा में भी काम होगा।
समारोह में अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, संयुक्त दलों और निर्माण एजेंसियों को लोक निर्माण पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार कम्पेंडियम सर्कुलर का विमोचन भी किया गया। कई अधिकारियों और अभियंताओं को सम्मानित किया गया, जबकि सेवानिवृत्त सचिव लोक निर्माण विभाग सतीश चंद्र पांडे और सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जीएस पल्नितकर को विशेष सम्मान दिया गया।
