September 14, 2026

8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारियों की बड़ी मांग, हर तीन महीने में DA बढ़ाने और 25% पर बेसिक में मर्जर का प्रस्ताव

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नई दिल्ली ।8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से कई महत्वपूर्ण मांगें और सुझाव सामने आ रहे हैं। इनमें महंगाई भत्ते यानी DA की समीक्षा साल में दो बार के बजाय चार बार करने और 25 प्रतिशत DA होने पर उसे बेसिक पे में मर्ज करने की मांग प्रमुख है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इससे महंगाई के असर के अनुसार वेतन में बदलाव अधिक नियमित तरीके से किया जा सकेगा।

चेन्नई और पुडुचेरी के बाद 8वें वेतन आयोग की बैठक चंडीगढ़ में होने की जानकारी दी गई है। चंडीगढ़ में 16 से 18 अगस्त के बीच होने वाली बैठक में उत्तर भारत के विभिन्न कर्मचारी संघ और पेंशनर्स संगठन अपनी मांगें आयोग के सामने रखेंगे। बैठक में फिटमेंट फैक्टर, DA और HRA सहित वेतन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव दिए जा सकते हैं। इसके बाद 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में बैठक प्रस्तावित है।

वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में संशोधन किया जाता है। कर्मचारी संगठनों के एक वर्ग ने अब इसकी समीक्षा हर तीन महीने में यानी साल में चार बार करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे महंगाई में होने वाले बदलावों के अनुसार DA में अधिक नियमित संशोधन किया जा सकेगा।

नेशनल काउंसिल यानी NC-JCM सहित कुछ संगठनों ने DA के 25 प्रतिशत होने पर उसे बेसिक पे में शामिल करने की मांग भी रखी है। इस मांग के लागू होने पर आगे कर्मचारियों के वेतन के साथ HRA और TA जैसे भत्तों की गणना बढ़े हुए बेसिक पे के आधार पर होने की बात कही गई है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का DA 60 प्रतिशत से अधिक बताया गया है।

कर्मचारी संगठनों की ओर से वित्तीय अपग्रेडेशन से जुड़ी MACP व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की गई है। इसमें हर 10 साल के बजाय हर पांच साल में फाइनेंशियल अपग्रेडेशन देने का सुझाव शामिल है। इसके अलावा कुछ संगठनों ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर को लागू करने की मांग रखी है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर कर्मचारियों के बेसिक पे में बदलाव का प्रस्ताव है।

7वें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट की संख्या तीन निर्धारित किए जाने का उल्लेख करते हुए इसे 8वें वेतन आयोग में बढ़ाकर पांच करने की मांग भी सामने आई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों को नए वेतन आयोग में ध्यान में रखा जाना चाहिए।

हालांकि, कर्मचारी संगठनों की ओर से रखी जा रही ये मांगें और सुझाव अभी अंतिम निर्णय नहीं हैं। 8वें वेतन आयोग को विभिन्न कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव मिल रहे हैं। इन सुझावों पर विचार के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार आयोग मई-जून 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। फिलहाल DA में साल में चार बार संशोधन, 25 प्रतिशत पर बेसिक पे में मर्जर, फिटमेंट फैक्टर, MACP और फैमिली यूनिट से संबंधित मांगों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

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