उम्र कम है तो कैंसर का खतरा नहीं ऐसा सोचना पड़ सकता है भारी 20 से 30 की उम्र में इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
शरीर में अचानक कोई गांठ महसूस होना ऐसा संकेत है जिस पर ध्यान देना चाहिए। खासतौर पर अगर गांठ लंबे समय तक बनी रहे या उसके आकार में बदलाव दिखाई दे तो इसकी चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है। हर गांठ कैंसर नहीं होती क्योंकि शरीर में कई तरह की गैर कैंसरकारी गांठ भी बन सकती हैं। इसलिए खुद से किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार वजन कम होना भी ऐसा बदलाव है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर खानपान या व्यायाम में कोई बड़ा बदलाव किए बिना वजन तेजी से कम हो रहा है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें तनाव संक्रमण हार्मोन संबंधी समस्या या अन्य स्वास्थ्य स्थितियां शामिल हो सकती हैं। लगातार वजन घटने पर डॉक्टर से जांच कराना सही कदम माना जाता है।
लगातार थकान महसूस होना भी कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। पर्याप्त आराम और नींद के बावजूद कमजोरी बनी रहती है तो इसके कारणों की जांच जरूरी हो सकती है। इसी तरह लंबे समय तक रहने वाला बुखार रात में अत्यधिक पसीना आना या शरीर में लगातार कमजोरी जैसी समस्या होने पर भी चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
कुछ मामलों में शरीर से असामान्य रक्तस्राव भी महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। मल या पेशाब में खून दिखाई देना या बिना सामान्य कारण के रक्तस्राव होना ऐसी स्थिति है जिसमें देरी नहीं करनी चाहिए। इसी तरह लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी आवाज में लगातार बदलाव निगलने में परेशानी या शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द जैसे लक्षणों की भी जांच कराना जरूरी हो सकता है।
कुछ मामलों में शरीर से असामान्य रक्तस्राव भी महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। मल या पेशाब में खून दिखाई देना या बिना सामान्य कारण के रक्तस्राव होना ऐसी स्थिति है जिसमें देरी नहीं करनी चाहिए। इसी तरह लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी आवाज में लगातार बदलाव निगलने में परेशानी या शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द जैसे लक्षणों की भी जांच कराना जरूरी हो सकता है।
यह समझना बेहद जरूरी है कि इन लक्षणों में से किसी एक का होना कैंसर होने का प्रमाण नहीं है। ऐसे कई लक्षण सामान्य संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं। कैंसर की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच और जरूरी टेस्ट के बाद ही हो सकती है। इसलिए इंटरनेट पर लक्षण पढ़कर खुद बीमारी का अनुमान लगाने से बचना चाहिए।
युवाओं के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि अपने शरीर में होने वाले लगातार और असामान्य बदलावों को लेकर जागरूक रहें। संतुलित भोजन नियमित शारीरिक गतिविधि पर्याप्त नींद तंबाकू और धूम्रपान से दूरी तथा समय पर स्वास्थ्य जांच बेहतर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर कोई लक्षण लगातार बना रहता है या तेजी से बढ़ रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करना समझदारी है। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से बीमारी का कारण समझने और जरूरत पड़ने पर उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।
