September 14, 2026

सैफ अली खान पर हमले का असर आज भी कायम, चाकू देखते ही बदल जाता है रिएक्शन; बोले- किस्मत बहुत अच्छी थी

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नई दिल्ली । बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर उनके घर के भीतर जनवरी 2025 में जो हमला हुआ था, उससे वह अभी तक नहीं उबर पाए हैं। सैफ अली खान ने एक हालिया इंटरव्यू में बताया कि उन पर हुए अटैक की वजह से वह लगभग पैरालाइज्ड हो गए थे। सैफ अली खान ने बताया कि जिस वक्त वह खून से लथपथ थे, वह यही सोच रहे थे कि वह एक योद्धा की तरह मरना चाहते हैं। सैफ अली खान ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने इस घटना के बाद खुद को संभाला और आज तक चाकू को देखकर उनका रिएक्शन बदल जाता है।

करीना को उबरने में थोड़ा वक्त लगा

सैफ अली खान ने बातचीत में कहा, “हमने बहुत अच्छी तरह इस सबका सामना किया है। मुझे लगता है कि जो इंसान इस सबसे बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ, वह मेरी पत्नी (करीना कपूर खान) हैं। वह आमतौर पर बहुत संवेदनशील इंसान हैं। हम सब तो बहुत जल्दी इससे उबर गए। हालांकि यह बहुत बड़ी घटना थी। मैं भी अभी 100% इससे नहीं उबर पाया हूं, क्योंकि अगर आज भी मैं अपने सामने चाकू देख लेता हूं, तो इसकी वजह से मैं अचानक रिएक्ट कर जाता हूं।” सैफ ने यह भी बताया कि कैसे वह बहुत गंभीर नुकसान होने से बाल-बाल बचे हैं।

सैफ ने कहा- बहुत अच्छी रही किस्मत

सैफ अली खान ने बताया, “मैंने इसके बारे में सोचना शुरू किया। मेरी किस्मत बहुत अच्छी थी कि चाकू टूट गया। यह शायद चाकू से किए गए हमलों के इतिहास का सबसे खराब चाकू रहा होगा। अगर उसके पास कोई प्रॉपर रैम्बो नाइफ होता, तो मैं बच नहीं पाता। आप घुसेड़ दीजिए और यह कहीं भी आर-पार हो जाएगा। मुझे हर जगह कट लगे हुए थे, लेकिन मैं मरा नहीं। मैं बता नहीं सकता कि मैं कितना किस्मतवाला रहा हूं। लेकिन इसकी एक दूसरी साइड भी है, मेरा एक हिस्सा जानता है कि क्या हुआ था। मैं इस इंसान को भी खुशी खुशी माफ कर देता।”

सैफ ने जताईं हमलावर के प्रति संवेदना

सैफ अली खान ने अपने बाल-बाल बचने और अपनी सेहत की बात करते हुए ही, उन पर हमला करने वाले के प्रति भी संवेदना जाहिर की। एक्टर ने कहा- ये सब चीजें असमानता के चलते होती हैं। क्योंकि किसी को पैसों की बहुत सख्त जरूरत है। मुझे नहीं लगता कि उसे पता था कि वह कहां पर है और क्या कर रहा है। अगर उसे पता होता, तो यह होता ही नहीं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना रही है। उसकी किस्मत बहुत खराब थी, क्योंकि मुझे लगता है कि वह काफी वक्त तक बहुत ज्यादा दिक्कत में रहा। मैं लगभग पैरालाइज हो गया था।

बदला है जिंदगी को लेकर नजरिया

सैफ ने बताया कि वह कुछ वक्त तक अपने पैरों को महसूस नहीं कर पा रहे थे। उनकी स्पाइनल कॉर्ड बाल-बाल बची थी, लेकिन कटी नहीं थी। यकीन नहीं होता। जब सैफ अली खान से पूछा गया कि क्या इस हमले ने उनका जिंदगी को लेकर नजरिया बदला है? तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- शायद, क्योंकि कुछ तो है जो मेरे जेहन में रह गया, कि मुझे अपने परिवार और दोस्तों के लिए थोड़ा और अवेलिबल रहना चाहिए। मुझे याद है कि मैं हॉस्पिटल के बेड पर लेटा सोच रहा था कि मैं अपने दोस्तों के साथ बैठकर अच्छी वाइन पीना चाहता हूं।

‘एक योद्धा की मौत अच्छी होती है’

सैफ अली खान बताया कि वह सोचा करते थे कि वह अपनी जिंदगी को एन्जॉय करना चाहते हैं। अच्छा होता कि मेरी जिंदगी खत्म हो गई होती, क्योंकि योद्धा की मौत अच्छी होती हैं। सैफ ने कहा कि वह लकवाग्रस्त होकर पड़े रहने से मर जाना पसंद करेंगे।

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