हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी आज एक साथ बना खास संयोग सुबह निर्जला व्रत तो दोपहर में होगी बप्पा की स्थापना
तिथि भेद के कारण इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का यह विशेष संयोग बना है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 14 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा। गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए सुबह 11 बजकर 2 मिनट से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। इसी अवधि में घरों और गणेश पंडालों में विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी।
हरतालिका तीज के अवसर पर महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखेंगी। शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाएगी। मान्यता के अनुसार महिलाएं इस दौरान सुखी दांपत्य जीवन और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। पूजन के बाद रातभर जागरण कर तीज की पूजा और आराधना की जाएगी। इस वजह से आज शहर के कई इलाकों में देर रात तक धार्मिक गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
गणेश उत्सव को लेकर भी भोपाल में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर में 300 से अधिक बड़े गणेश पंडाल सजकर तैयार हैं जबकि 700 से ज्यादा छोटी झांकियां और अन्य धार्मिक आयोजन भी बनाए गए हैं। रविवार सुबह से ही कई स्थानों पर गणपति बप्पा की अगवानी शुरू हो गई थी। सोमवार को शुभ मुहूर्त में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ उत्सव का विधिवत आगाज होगा।
टीटी नगर जहांगीराबाद जवाहर चौक कोलार मंगलवारा और बरखेड़ा पठानी सहित कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सजी हुई हैं। रविवार को बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और पंडालों के लिए भगवान गणेश की प्रतिमाएं खरीदते नजर आए। बाजारों में गणेश प्रतिमाओं के साथ पूजा सामग्री और सजावट की वस्तुओं की भी मांग रही।
वहीं हरतालिका तीज को लेकर भी शहर के प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भीड़ दिखाई दी। न्यू मार्केट और दस नंबर समेत कई बाजारों में महिलाओं ने चूड़ी मेहंदी साड़ी और साज-श्रृंगार की सामग्री खरीदी। पूजन सामग्री की दुकानों पर भी दिनभर ग्राहकों की आवाजाही रही।
तीज और गणेश चतुर्थी के बाद धार्मिक पर्वों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 15 सितंबर को ऋषि पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन सप्त ऋषियों और अरुंधती का पूजन किया जाएगा। इसके बाद 19 सितंबर को राधा अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में भी भोपाल में धार्मिक आयोजनों और आस्था से जुड़े कार्यक्रमों की रौनक बनी रहेगी
