September 11, 2026

MP में शिक्षा विभाग के 2000 कर्मचारियों की सैलरी पर संकट दो माह से वेतन नहीं मिलने से परिवारों पर आर्थिक बोझ शिक्षक संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

0
untitled-1789106224

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े करीब 1500 से 2000 कर्मचारियों के सामने वेतन को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के अलग अलग जिलों में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे जनशिक्षकों बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान अटका होने के कारण कर्मचारियों के सामने घर का रोजमर्रा का खर्च बच्चों की पढ़ाई इलाज और दूसरी जरूरी जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि इन कर्मचारियों की तरह ही विभागीय जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ प्रभारी कर्मचारियों को उनके मूल विद्यालय से नियमित वेतन मिल रहा है। इसी अंतर को लेकर अब शिक्षक संगठन ने राज्य शिक्षा केंद्र का ध्यान आकर्षित किया है।

शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक को पत्र भेजकर लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है। संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल का कहना है कि जनशिक्षक बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारी लगातार अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद दो माह से वेतन नहीं मिलना गंभीर विषय है। कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियां निभाने के साथ परिवार की आर्थिक जरूरतों को भी पूरा करना होता है लेकिन वेतन अटकने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।

संगठन ने यह भी कहा है कि रक्षाबंधन जन्माष्टमी और 15 अगस्त जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर भी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका। ऐसे समय में जब परिवारों पर अतिरिक्त खर्च रहता है तब दो माह की सैलरी अटकने से आर्थिक दबाव और बढ़ गया है। कर्मचारियों के बीच इसे लेकर नाराजगी और असंतोष भी देखा जा रहा है।

शिक्षक संगठन ने राज्य शिक्षा केंद्र से मांग की है कि प्रदेश के सभी जिलों में जनशिक्षकों बीआरसीसी और बीएसी कर्मचारियों के वेतन भुगतान की स्थिति की तत्काल समीक्षा की जाए। जहां भी भुगतान लंबित है वहां संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर जल्द से जल्द वेतन जारी कराया जाए। संगठन का कहना है कि नियमित सरकारी जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना उनका न्यायसंगत अधिकार है।

वेतन भुगतान में देरी का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है बल्कि उनके परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस पढ़ाई का खर्च दवाइयां घर का राशन और अन्य जरूरी भुगतान समय पर करना मुश्किल हो रहा है। संगठन ने विभाग से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है जिससे भविष्य में प्रतिनियुक्ति पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से लंबे समय तक न अटके।

शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने साफ किया है कि यदि लंबित दो माह का वेतन जल्द जारी नहीं किया गया तो इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। संगठन कर्मचारियों के हित में आगे आवश्यक कदम उठाने की बात कह रहा है। अब कर्मचारियों की नजर राज्य शिक्षा केंद्र के अगले कदम पर है और उन्हें उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित वेतन का भुगतान जल्द किया जाएगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *