वास्तु के अनुसार नमक का पोछा घर की नकारात्मकता दूर करने में माना जाता है कारगर, जानें सही तरीका
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में नकारात्मक ऊर्जा के कारण बिना वजह कलह, चिड़चिड़ापन और बने-बनाए कामों में रुकावट जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इन्हें रुकी हुई नकारात्मक ऊर्जा के संकेत के तौर पर देखा जाता है। वास्तु में नमक को प्रभावशाली माना गया है और मान्यता है कि यह नकारात्मक तरंगों तथा नजर दोष को अपने भीतर समाहित कर सकता है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, सही तरीके से नमक का पोछा लगाने से घर की नकारात्मकता दूर करने और शांति तथा समृद्धि का वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
अक्सर लोग घर में पोछा लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान्य पानी में ऊपर से नमक मिला देते हैं। हालांकि, बताई गई वास्तु विधि के अनुसार केवल इस तरह नमक मिलाकर पोछा लगाना पर्याप्त नहीं माना जाता। इसके पूरे लाभ के लिए पानी और नमक को एक विशेष तरीके से तैयार करने की बात कही गई है। इसके बाद ही तैयार पानी से घर में पोछा लगाने की सलाह दी जाती है।
नमक का पोछा तैयार करने के लिए सबसे पहले पानी में खड़ा समुद्री नमक या सेंधा नमक डालना होता है। इसके बाद पानी और नमक को एक साथ अच्छी तरह उबालने की बात कही गई है। दोनों को तब तक उबालना चाहिए, जब तक नमक पानी में अच्छी तरह घुल न जाए। इस प्रक्रिया के बाद पानी को पोछा लगाने के लिए तुरंत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
पानी और नमक के अच्छी तरह उबल जाने के बाद उसे पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ देना चाहिए। पानी को प्राकृतिक तरीके से ठंडा होने के बाद ही उससे घर में पोछा लगाने की सलाह दी गई है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी को उबालने से उसमें मौजूद नमक की क्लींजिंग प्रॉपर्टी सक्रिय होती है। मान्यता है कि पानी ठंडा होने के बाद यह नकारात्मक ऊर्जा को बेहतर तरीके से अवशोषित कर सकता है।
पोछा लगाने के बाद बचे हुए पानी को लेकर भी विशेष सावधानी बताई गई है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार पोछा लगाने के बाद बचा हुआ गंदा पानी घर के अंदर बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। इसे बाथरूम में भी नहीं डालने की सलाह दी गई है। बताया गया है कि इस पानी को घर के बाहर किसी नाली में बहा देना बेहतर रहता है। इस तरह नमक के पोछे के लिए पानी तैयार करने से लेकर उसके इस्तेमाल और बचे हुए पानी को बाहर निकालने तक की पूरी प्रक्रिया को वास्तु के अनुसार महत्वपूर्ण माना गया है।
