September 9, 2026

दुबई में MP की बल्ले-बल्ले: 53 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों से बदली तस्वीर, AI डेटा सेंटर और सोलर प्रोजेक्ट बने सबसे बड़ा आकर्षण

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भोपाल । दुबई में मध्यप्रदेश ने निवेश की संभावनाओं को लेकर बड़ा असर छोड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे के तीसरे दिन प्रदेश को 53 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई है। ग्रीन एनर्जी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स शिक्षा मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक कई क्षेत्रों में विदेशी निवेशकों और कारोबारी समूहों ने मध्यप्रदेश में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से वन टू वन मुलाकात कर प्रदेश की खूबियां गिनाईं और साफ संदेश दिया कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने निवेशकों को अगले साल जनवरी में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने का न्योता देते हुए कहा कि वेलकम टू मध्यप्रदेश।

दुबई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात कई बड़े कारोबारी समूहों के प्रतिनिधियों से हुई। इनमें राणा होल्डिंग्स जेम्स एजुकेशन क्रेसेंट ग्रुप प्योर हेल्थ शराफ ग्रुप चोइथराम्स डीपी वर्ल्ड ब्यूमर्क कॉरपोरेशन वेस्ट जोन केजीके ग्रुप विस्टास मीडिया कैपिटल वीएफएस ग्लोबल और एनआईडीआई सर्विसेज से जुड़े प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठकों का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को अलग अलग सेक्टर में सामने रखना और संभावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाना रहा।

इनमें राणा होल्डिंग्स की ओर से सबसे बड़े प्रस्तावों में रुचि दिखाई गई। कंपनी ने मध्यप्रदेश में 2000 मेगावॉट के सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो 200 मेगावॉट के ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट 50 मेगावॉट क्षमता के एआई और कंप्यूट डेटा सेंटर क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब जैसी परियोजनाओं में रुचि दिखाई। इन प्रस्तावित परियोजनाओं से करीब 35 हजार 200 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना बताई गई है।

इसके अलावा औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस और सॉवरेन एआई फैक्ट्री को लेकर भी चर्चा हुई। 50 मेगावॉट क्षमता वाले एआई फैक्ट्री प्रोजेक्ट के लिए करीब 1.5 से 2 अरब डॉलर यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपए के निवेश का कॉन्सेप्ट सामने रखा गया। भविष्य में इसकी क्षमता को 100 मेगावॉट से अधिक तक बढ़ाने की संभावना भी बताई गई है। इससे साफ है कि मध्यप्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों के साथ साथ एआई डेटा सेंटर और हाई टेक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए क्षेत्रों पर भी अपना फोकस बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री की बातचीत केवल ऊर्जा और तकनीक तक सीमित नहीं रही। हेल्थ सेक्टर में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल डिजिटल हेल्थ टेलीमेडिसिन मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में संभावनाओं पर चर्चा हुई। लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क वेयरहाउसिंग कोल्ड चेन और ग्लोबल सप्लाई चेन से मध्यप्रदेश को जोड़ने पर जोर दिया गया। वहीं खाद्य प्रसंस्करण रिटेल कृषि उत्पादों की खरीद वितरण नेटवर्क और कोल्ड चेन को लेकर भी निवेश की संभावनाएं तलाशीं गईं।

शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ हुई बैठक में भी मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसमें लॉजिस्टिक्स फूड प्रोसेसिंग टेक्सटाइल फार्मास्यूटिकल्स पर्यटन नवीकरणीय ऊर्जा और एसएमई सहयोग जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री ने शारजाह के निवेशकों को भी मध्यप्रदेश आने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

दुबई दौरे में मुख्यमंत्री ने वेस्ट टू एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट से जुड़ी परियोजनाओं को भी करीब से समझा। बीईईएएच के साथ इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सर्कुलर इकोनॉमी स्मार्ट सिटी और हरित ऊर्जा को लेकर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वहीं एमार समूह की लीडरशिप से मुलाकात में इंदौर पीथमपुर उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर के साथ टाउनशिप हॉस्पिटैलिटी और आधुनिक शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर बात हुई।

इस पूरे दौरे में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता को वैश्विक मंच पर पेश करने के साथ राज्य की निवेश नीति इंफ्रास्ट्रक्चर भूमि उपलब्धता लॉजिस्टिक्स और सिंगल विंडो व्यवस्था को भी प्रमुखता से बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सरकार निवेशकों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है।

इसी दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम को एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स 2026 में विनर एशिया सम्मान भी मिला। यह पुरस्कार निवेश संवर्धन विदेशी निवेश आकर्षित करने रोजगार सृजन नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में प्रदर्शन के लिए दिया गया। ऐसे में दुबई दौरे से मिले 53 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश के लिए बड़ी संभावनाओं का संकेत जरूर हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की होगी।

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