September 8, 2026

MP में TET को लेकर बढ़ी मुश्किल: ESB के इनकार से बदलेगा परीक्षा का पूरा प्लान, तारीख और सेंटर पर भी संशय

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भोपाल। मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर बड़ा पेच फंस गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद परीक्षा को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने की तैयारी की जा रही थी लेकिन कर्मचारी चयन मंडल ESB ने ऑफलाइन परीक्षा कराने से साफ इनकार कर दिया है। ESB का कहना है कि पिछले करीब छह साल से मंडल केवल ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और मौजूदा व्यवस्था में ऑफलाइन परीक्षा कराना उसके लिए संभव नहीं है। इस फैसले के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग के सामने नई परीक्षा एजेंसी तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग दूसरी एजेंसी से परीक्षा कराने के साथ ही जरूरत पड़ने पर खुद परीक्षा आयोजित कराने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल लौटने के बाद लिया जा सकता है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 में दिए गए आदेश के बाद मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के लिए TET पास करना जरूरी हो गया है। वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय दिया गया है। ऐसे शिक्षकों को हर साल होने वाली परीक्षा में शामिल होने के अवसर मिलेंगे। यदि कोई शिक्षक छह अवसर मिलने के बावजूद पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो उसकी सेवा समाप्त किए जाने का प्रावधान सामने आया है। इसी वजह से सरकार के लिए TET परीक्षा आयोजित कराना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

इसी क्रम में कर्मचारी चयन मंडल ने पहले 21 अगस्त से 4 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। बाद में अभ्यर्थियों को राहत देते हुए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी गई। ESB की ओर से पहले 12 अक्टूबर से परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही थी लेकिन अब ऑफलाइन परीक्षा से इनकार के बाद पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि सरकार किसी नई एजेंसी को परीक्षा की जिम्मेदारी देती है तो परीक्षा की तारीख में भी बदलाव संभव है। नई एजेंसी को परीक्षा केंद्र तैयार करने से लेकर प्रश्नपत्र और परीक्षा संचालन तक की पूरी व्यवस्था करनी होगी।

लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक यदि TET ऑफलाइन कराई जाती है तो परीक्षा आयोजित करने में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में विभाग TET के साथ शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। सरकार के सामने लोक सेवा आयोग यानी PSC को परीक्षा की जिम्मेदारी देने का विकल्प भी मौजूद है लेकिन PSC ने अब तक शिक्षकों की पात्रता परीक्षा या भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं की है। इसलिए इस विकल्प पर भी अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही होगा।

परीक्षा केंद्रों को लेकर भी शिक्षकों की चिंता बढ़ी हुई है। फिलहाल भोपाल इंदौर जबलपुर खंडवा नीमच रतलाम रीवा सागर सतना उज्जैन और सीधी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सागर के साथ चंबल और ग्वालियर अंचल के कई जिलों को केंद्रों में जगह नहीं मिली है। शिक्षकों की मांग है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएं ताकि उन्हें परीक्षा देने के लिए दूर के शहरों की यात्रा न करनी पड़े। नई एजेंसी तय होने के बाद परीक्षा केंद्रों की संख्या और स्थानों में भी बदलाव की संभावना है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि TET परीक्षा आखिर किस एजेंसी के जरिए और किस तारीख को आयोजित होगी। आवेदन की प्रक्रिया अभी 18 सितंबर तक जारी है लेकिन एजेंसी बदलने की स्थिति में परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव हो सकता है। मुख्यमंत्री के लौटने के बाद होने वाली बैठक में इस पूरे मामले पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। तब तक हजारों शिक्षक परीक्षा की तारीख और व्यवस्था को लेकर असमंजस में बने रहेंगे।

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