September 8, 2026

‘मामा वापस आओ’ से ‘जीतू को CM बनाओ’ तक गूंजे नारे: MP की सियासत में नया सियासी शोर, विधायक प्रतिनिधि पर ग्रामीण को थप्पड़ मारने का आरोप

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों नारों और बयानों ने सियासी माहौल को अलग ही रंग दे दिया है। कहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए मामा वापस आओ के नारे गूंज रहे हैं तो कहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को मुख्यमंत्री बनाने की आवाज उठ रही है। दूसरी तरफ मंदसौर जिले में सड़क की समस्या को लेकर भाजपा विधायक का काफिला रोकने के बाद विवाद खड़ा हो गया है और विधायक प्रतिनिधि पर एक ग्रामीण को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। इन घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति में चर्चा का नया विषय पैदा कर दिया है।

भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति लोगों का पुराना मामा वाला प्यार एक बार फिर दिखाई दिया। कार्यक्रम में लोगों ने आई लव यू मामा और मामा वापस आ जाइए जैसे नारे लगाए। जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने लोगों की ओर फ्लाइंग किस भेजे और आई लव यू टू कहकर उनका अभिवादन किया। उन्होंने मंच से कहा कि वह सभी से प्यार करते हैं और यह प्यार का सिलसिला जिंदगी भर चलता रहेगा।

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान का एक बयान खासा चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री आते जाते रहते हैं लेकिन मामा परमानेंट हैं। शिवराज के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि शिवराज सिंह चौहान के लिए मामा वाला संबोधन कोई नया नहीं है। लंबे समय से उनके समर्थक और आम लोग उन्हें इसी नाम से पुकारते रहे हैं और मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी कई कार्यक्रमों में उनके लिए मामा वापस आओ जैसे नारे सुनाई देते रहे हैं।

उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाए। देवास जिले के खातेगांव में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो जीतू पटवारी जैसा हो के नारे लगाए। इसके बाद भोपाल में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान जीतू पटवारी जब अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में पहुंचे तो वहां भी उनके पक्ष में मुख्यमंत्री बनाने के नारे गूंजे। समर्थकों ने हमारा मुख्यमंत्री कैसा हो जीतू पटवारी जैसा हो और अगला सीएम कैसा हो जीतू भैया जैसा हो जैसे नारे लगाए।

हालांकि मध्यप्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव अभी दूर है और मुख्यमंत्री पद की संभावनाओं पर अभी से कोई ठोस निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। कांग्रेस के भीतर भी भविष्य में मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में आ सकते हैं। फिलहाल जीतू पटवारी के समर्थन में लग रहे नारे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और कार्यकर्ताओं के उत्साह को जरूर दिखा रहे हैं।

वहीं मंदसौर जिले के गरोठ में भाजपा विधायक चंदर सिंह सिसोदिया के काफिले को ग्रामीणों ने सड़क की समस्या बताने के लिए रोक लिया। आरोप है कि काफिला रोके जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें विधायक ग्रामीणों से बात करते दिखाई दे रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान विधायक प्रतिनिधि अनिल राठौर ने एक ग्रामीण को थप्पड़ मार दिया। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल ले लिए गए। मामले को लेकर एक ग्रामीण ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है और अब पूरा विवाद थाने तक पहुंच गया है। आरोपों की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

इधर इंदौर भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का एक बयान भी चर्चा में रहा। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते समय उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को देश का पहला प्रधानमंत्री बता दिया। जबकि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे और सरदार पटेल कभी प्रधानमंत्री नहीं रहे। इस बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा नेता के सामान्य ज्ञान और इतिहास की जानकारी पर सवाल उठाए।

कुल मिलाकर मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयान नारे और विवाद लगातार सुर्खियां बना रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान के मामा परमानेंट वाले बयान से लेकर जीतू पटवारी के लिए मुख्यमंत्री के नारों और गरोठ में विधायक प्रतिनिधि पर लगे थप्पड़ के आरोप तक हर मामला राजनीतिक चर्चा को नई दिशा दे रहा है।

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