‘बार-बार चेताया फिर भी नहीं जागा प्रशासन’ बंडा शराब कांड पर सपा का बड़ा आरोप, कलेक्टर-SP समेत अधिकारियों की जांच की मांग
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने सागर में पत्रकारों के सामने ज्ञापनों की प्रतियां पेश करते हुए कहा कि अप्रैल से ही प्रशासन को बंडा क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के कारोबार की जानकारी दी जा रही थी। पार्टी की ओर से अलग अलग अवसरों पर प्रशासन को चेतावनी दी गई कि अवैध रूप से बिक रही शराब लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है। इसके बावजूद आरोप है कि शिकायतों पर कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सपा का कहना है कि यदि समय रहते अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाती तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।
मौतों के आंकड़े को लेकर भी सपा और प्रशासन के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने दावा किया है कि जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 50 तक पहुंच चुकी है जबकि प्रशासन की ओर से अब तक 22 मौतों की पुष्टि की जा रही है। सपा ने आरोप लगाया कि कई मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार कराया जा रहा है और इसी वजह से मौतों का वास्तविक आंकड़ा सामने नहीं आ पा रहा है।
हालांकि सपा की ओर से किए गए 50 मौतों के दावे और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से पुष्टि किए गए आंकड़े और विपक्षी दल के दावों में बड़ा अंतर होने के कारण इस पूरे मामले की जांच और पारदर्शिता की मांग भी तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सागर कलेक्टर एसपी और बंडा एसडीएम समेत उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए जिन तक अवैध शराब की बिक्री से संबंधित शिकायतें पहुंचाई गई थीं। सपा ने प्रशासन से यह भी सवाल किया है कि बार बार ज्ञापन और शिकायतें दिए जाने के बावजूद अवैध शराब के खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
डॉ. मनोज यादव का आरोप है कि यदि प्रशासन ने शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लिया होता और अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए होते तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पार्टी अब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।
बंडा जहरीली शराब मामले में प्रशासन और समाजवादी पार्टी के दावों के बीच बड़ा अंतर सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। जहां प्रशासन ने अब तक 22 मौतों की पुष्टि की है वहीं सपा ने 50 लोगों की मौत का दावा किया है। ऐसे में अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जहरीली शराब से कितने लोगों की मौत हुई और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले की गई शिकायतों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।
