September 6, 2026

क्योंकि सास भी कभी बहू थी के 1833 एपिसोड ने बनाया इतिहास, तुलसी-मिहिर की जोड़ी आज भी दर्शकों को याद

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नई दिल्ली । टीवी धारावाहिकों की दुनिया में कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो प्रसारण खत्म होने के वर्षों बाद भी दर्शकों की यादों में बनी रहती हैं। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ भी ऐसा ही धारावाहिक रहा, जिसने पारिवारिक रिश्तों और बदलते सामाजिक परिवेश को टेलीविजन पर लंबे समय तक प्रमुखता से पेश किया। एकता कपूर के निर्माण में तैयार यह शो साल 2000 में शुरू हुआ था और करीब आठ वर्षों तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना रहा।

3 जुलाई 2000 को शुरू हुए इस धारावाहिक का प्रसारण 6 नवंबर 2008 तक चला। इस दौरान शो के कुल 1833 एपिसोड प्रसारित हुए। इतनी लंबी अवधि तक लगातार दर्शकों से जुड़े रहना इसकी लोकप्रियता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। कहानी का केंद्र विरानी परिवार और उनका घर शांति निकेतन था, जहां परिवार के सदस्यों के रिश्तों, परंपराओं, मतभेदों और बदलते समय के साथ आने वाले बदलावों को कहानी का हिस्सा बनाया गया।

धारावाहिक में स्मृति ईरानी ने तुलसी विरानी का किरदार निभाया था, जबकि अमर उपाध्याय मिहिर विरानी की भूमिका में नजर आए थे। तुलसी के किरदार ने स्मृति ईरानी को टेलीविजन की दुनिया में अलग पहचान दिलाई। दर्शकों के बीच उनका नाम लंबे समय तक तुलसी के किरदार के साथ जुड़ा रहा। वहीं मिहिर के रूप में अमर उपाध्याय भी खासे लोकप्रिय हुए। दोनों की जोड़ी छोटे पर्दे की चर्चित जोड़ियों में शामिल हुई।

शो की एक बड़ी खासियत इसका टाइटल सॉन्ग भी था। धारावाहिक के शीर्षक गीत ने अपनी धुन, बोल और प्रस्तुति के जरिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। इसे प्रिय भट्टाचार्य ने अपनी आवाज दी थी। गीत के बोल नवाब आरजू ने लिखे थे और संगीत ललित सेन ने तैयार किया था। समय बीतने के बावजूद यह टाइटल सॉन्ग धारावाहिक की पहचान के तौर पर याद किया जाता है।

कहानी में सास-बहू के रिश्ते के साथ परिवार की कई पीढ़ियों के बीच बदलते संबंधों को भी दिखाया गया। समय के साथ नए किरदार कहानी में शामिल होते गए और परिवार के भीतर रिश्तों के समीकरण बदलते रहे। तुलसी का परिवार के प्रति समर्पण, जिम्मेदारियों के बीच संघर्ष और रिश्तों को संभालने की कोशिश कहानी के महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल रहे।

धारावाहिक की लोकप्रियता का असर इसके कलाकारों और किरदारों की पहचान पर भी दिखाई दिया। तुलसी और मिहिर की जोड़ी दर्शकों के बीच इतनी चर्चित हुई कि दोनों किरदार लंबे समय तक टीवी संस्कृति का हिस्सा बने रहे। शांति निकेतन भी शो की कहानी के साथ दर्शकों की स्मृतियों में अपनी जगह बनाने में सफल रहा।

इस धारावाहिक की लोकप्रियता को बाद के वर्षों में भी आगे बढ़ाने की कोशिश हुई। 25 साल पूरे होने के मौके पर इसका दूसरा सीजन शुरू किया गया, जिसमें स्मृति ईरानी फिर तुलसी विरानी के किरदार में लौटीं और अमर उपाध्याय ने मिहिर की भूमिका निभाई। नया सीजन 29 जुलाई 2025 को शुरू हुआ। पुराने किरदारों और नई पीढ़ी की कहानी के मेल ने इस लोकप्रिय धारावाहिक की पुरानी यादों को फिर से दर्शकों के सामने ला दिया।

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