रात में अचानक पैर में उठता है तेज दर्द? विटामिन D कैल्शियम और B12 की कमी हो सकती है कारण
पैरों में दर्द की एक वजह शरीर में विटामिन D की कमी भी हो सकती है। विटामिन D शरीर की हड्डियों के साथ मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी माना जाता है। इसकी कमी होने पर शरीर में कमजोरी और दर्द महसूस हो सकता है। कुछ लोगों में इसका असर खासतौर पर कमर पीठ और पैरों में दिखाई देता है। शरीर को विटामिन D का प्रमुख प्राकृतिक स्रोत सूर्य की रोशनी से मिलता है। हालांकि अगर शरीर में इसकी कमी है तो इसे पूरा करने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
कैल्शियम की कमी को भी पैरों में होने वाली ऐंठन और खिंचाव से जोड़कर देखा जाता है। आमतौर पर कैल्शियम को सिर्फ हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी माना जाता है लेकिन इसका संबंध मांसपेशियों के सामान्य कामकाज से भी है। शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने पर मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। अपनी डाइट में दूध दही पनीर और तिल जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
विटामिन B12 की कमी भी पैरों से जुड़ी परेशानियों की वजह बन सकती है। यह विटामिन नसों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर हाथ और पैरों में सुन्नपन झनझनाहट खिंचाव या असामान्य संवेदनाएं महसूस हो सकती हैं। कुछ लोगों में रात के समय पैरों में ऐंठन की शिकायत भी देखने को मिलती है। अगर इस तरह की समस्या लगातार बनी हुई है तो केवल घरेलू उपाय करने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
पैरों के दर्द और ऐंठन से बचने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। खाने में हरी सब्जियां दूध दही अंडे मौसमी फल और दूसरे पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना और नियमित रूप से हल्की शारीरिक गतिविधि करना भी शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है। हालांकि हर बार पैर में दर्द का मतलब विटामिन या मिनरल्स की कमी ही हो ऐसा जरूरी नहीं है। अगर दर्द बार बार हो रहा है लंबे समय तक बना रहता है या इसके साथ सुन्नपन कमजोरी सूजन जैसी समस्या भी दिखाई देती है तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। बिना जांच के किसी विटामिन या मिनरल का सप्लीमेंट लेना भी उचित नहीं है।
