September 1, 2026

खाड़ी संकट और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की तेज आर्थिक छलांग, 7.8 प्रतिशत जीडीपी पर भाजपा का राहुल गांधी को जवाब

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नई दिल्ली । नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर को देश की बदलती आर्थिक ताकत का बड़ा प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत का यह प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। खाड़ी क्षेत्र में संकट तेल आपूर्ति को लेकर चुनौतियां सप्लाई चेन में रुकावट और दुनिया के कई हिस्सों में जारी तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत गति बनाए रखी है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ऐसे कठिन वैश्विक माहौल में 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल करना सामान्य उपलब्धि नहीं बल्कि देश की आर्थिक क्षमता और मजबूत नीतिगत प्रबंधन का संकेत है।

भाजपा नेता ने भारत की विकास दर की तुलना दुनिया की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से करते हुए कहा कि कई विकसित और उभरते देशों की विकास रफ्तार भारत की तुलना में काफी कम रही है। उन्होंने कनाडा जर्मनी ब्रिटेन अमेरिका मलेशिया और दक्षिण कोरिया जैसी अर्थव्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के दौर में भारत ने अपेक्षाकृत अधिक मजबूत प्रदर्शन किया है। उनके अनुसार खाड़ी क्षेत्र में तनाव और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा लेकिन भारत ने इन परिस्थितियों में भी अपनी विकास गति को बनाए रखा।

रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को इस प्रदर्शन का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत और स्थिर नेतृत्व किसी भी देश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद जरूरी होता है। संकट के समय सही फैसले लेने और चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता ही किसी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाती है। उन्होंने वित्त मंत्रालय और वित्त मंत्री के आर्थिक प्रबंधन की भी सराहना की और कहा कि सरकार की नीतियों के साथ मैन्युफैक्चरिंग व्यापार निर्माण और सेवा क्षेत्र के योगदान ने देश की विकास दर को मजबूत बनाया है।

भाजपा सांसद ने वर्ष 2013 की आर्थिक स्थिति और वर्तमान भारत के बीच तुलना करते हुए कहा कि एक समय देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रैजाइल फाइव यानी कमजोर मानी जाने वाली प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जाता था। उस दौर में निवेशकों के बीच भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता थी और नीतिगत ठहराव की चर्चा होती थी। उन्होंने अपने पुराने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कुछ निवेशक भारत में अपने निवेश को लेकर चिंतित थे लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनके अनुसार फ्रैजाइल फाइव से निकलकर 7.8 प्रतिशत की विकास दर तक पहुंचना भारत की आर्थिक यात्रा में बड़े बदलाव को दर्शाता है।

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को मृत अर्थव्यवस्था बताने वाला दावा ताजा जीडीपी आंकड़ों के सामने टिकता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आर्थिक विकास और आर्थिक प्रबंधन को समझने में असफल रहे हैं और लगातार ऐसे बयान देते हैं जो देश की आर्थिक उपलब्धियों के विपरीत दिखाई देते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि एक ओर विपक्ष देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर बताने की कोशिश करता है जबकि दूसरी ओर ताजा आंकड़े भारत की तेज विकास गति का प्रमाण दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की मौजूदा आर्थिक उपलब्धि को केवल एक तिमाही के आंकड़े तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। यह पिछले कई वर्षों में हुए व्यापक बदलाव का परिणाम है। वैश्विक संकटों युद्धों तेल आपूर्ति की अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद भारत का मजबूत प्रदर्शन यह संकेत देता है कि देश की अर्थव्यवस्था कठिन परिस्थितियों का सामना करने में पहले से अधिक सक्षम हुई है। रविशंकर प्रसाद के अनुसार भारत आज वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच मजबूती के साथ खड़ा है और 7.8 प्रतिशत की विकास दर उसी बदलती आर्थिक तस्वीर का सबसे बड़ा प्रमाण है।

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