1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए 25-25 हजार रुपए, सीएम मोहन यादव बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ाएं और असफलता से सीखकर आगे बढ़ें
मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों के सामने जीवन के बदलते दौर का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरसना पड़ता था लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सीखोगे तो कल कमाओगे। उनके अनुसार लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं बल्कि डिजिटल लर्निंग ई-लाइब्रेरी और उच्च शिक्षा के नए अवसरों तक पहुंचने का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देकर विद्यार्थियों को संघर्ष का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा कि जिस पत्थर में छेनी और हथौड़ी की चोट सहने की क्षमता होती है वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है और सम्मान पाता है। जीवन की कठिनाइयां भी इंसान को इसी तरह मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही हार सकता है लेकिन जीत का सपना भी वही देखता है जो मुकाबला करने का साहस रखता है।
लैपटॉप योजना के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसकी शुरुआत कभी केवल 473 विद्यार्थियों से हुई थी लेकिन आज इसका दायरा बढ़कर 1 लाख 21 हजार से अधिक मेधावी विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के सपने भी साझा किए। 12वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने बताया कि वह पहले यूपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं और आगे चलकर राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। वहीं 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने नौकरी करने के साथ भविष्य में अपना व्यवसाय शुरू करने और नौकरी देने वाली बनने की इच्छा जताई।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल डॉक्टर इंजीनियर और वकील बनने का सपना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि अच्छे किसान और योग्य राजनेता भी समाज और देश की जरूरत हैं। उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर मार्गदर्शन से कमजोर शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का भरोसा बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। वर्ष 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 92 हजार थी। उन्होंने कहा कि लैपटॉप योजना से अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और सरकार इस योजना पर लगभग 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। साथ ही करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी भी आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर माहौल मिल सके।
