रीवा-शहडोल समेत 11 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी एमपी में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम
हालांकि नदियों का जलस्तर अब कुछ कम हुआ है, लेकिन बाढ़ से हुई तबाही के निशान अभी भी साफ दिखाई दे रहे हैं। कई इलाकों में देर रात तक बारिश होती रही। बाढ़ प्रभावित सतना में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
CM मोहन यादव चित्रकूट पहुंचे, बाढ़ प्रभावितों से मिले
रविवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही। गोरगी बांध फूटने से कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। घरों और सड़कों पर मिट्टी, कचरा और कीचड़ जमा हो गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने आश्रय स्थल में प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री बांटी। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में अतिक्रमण को भी बाढ़ की संभावित वजह माना।
बाणसागर डैम के 6 गेट खोले
शहडोल का बाणसागर डैम भी लबालब हो चुका है। यहां पानी की आवक 808.64 क्यूमेक्स से बढ़कर 12 घंटे में 2677.29 क्यूमेक्स हो गई। पिछले साल की तुलना में इस बार डैम का जलस्तर 13 सेंटीमीटर अधिक है।
रविवार दोपहर 12 बजे डैम के 6 गेट खोल दिए गए। इसके बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
अगले 3 दिन अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।
प्रदेश के ज्यादातर बांधों में 70% से ज्यादा पानी
लगातार बारिश से प्रदेश के बांधों की स्थिति में सुधार हुआ है। अधिकांश बांधों में 70% तक पानी आ चुका है। कुछ बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति अभी बेहतर नहीं है।
भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट खाली है। बड़ा तालाब फुल होने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा।
अब तक 27.2 इंच बारिश, सामान्य से 3.2 इंच कम
IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 700 मिमी यानी 27.2 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 30.4 इंच (772.3 मिमी) की तुलना में यह करीब 3.2 इंच कम है। प्रदेश में ओवरऑल बारिश 9% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई है।
39 जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश
प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी औसत से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।
16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
IMD के अनुसार अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
