मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम के विरोध पर मैरी मिलबेन ने जोहरान ममदानी को मोदी और बीजेपी विरोधी बताया
ममदानी ने कहा है कि वह भागवत के कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यह एक निजी कार्यक्रम है और इसे रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। उनका विरोध आरएसएस की विचारधारा और भारत को लेकर उसके दृष्टिकोण से जुड़ी चिंताओं पर आधारित है।
भागवत का यह कार्यक्रम आरएसएस के शताब्दी वर्ष में चल रहे वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा है। कार्यक्रम को यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसमें भारतीय प्रवासी समुदाय के करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने की संभावना बताई गई है।
ममदानी ने आरएसएस की विचारधारा को लेकर कहा है कि वह ऐसी सोच के विरोध में हैं जिसे वह किसी देश के लिए बहिष्कारी दृष्टिकोण मानते हैं। उनका कहना है कि न्यूयॉर्क ऐसा शहर है जो रंग, धर्म, आस्था और मूल स्थान की परवाह किए बिना सभी लोगों के साथ समान व्यवहार की भावना में विश्वास करता है।
ममदानी के बयान के बाद कार्यक्रम के समर्थन और विरोध में प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इसी क्रम में मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर ममदानी और अन्य आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भागवत के कार्यक्रम का विरोध करने वाले लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के विरोध के कारण ऐसा कर रहे हैं।
मिलबेन ने अपने बयान में ममदानी और उनके साथ कार्यक्रम का विरोध करने वालों की राजनीतिक विचारधारा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मैडिसन स्क्वायर गार्डन व्यावसायिक नियमों के आधार पर काम करता है और इसलिए राजनीतिक विरोध के आधार पर कार्यक्रम को रोका नहीं जाना चाहिए।
इस विवाद के बीच कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है। न्यूयॉर्क में कुछ नागरिक अधिकार और अंतरधार्मिक संगठनों ने भागवत की मौजूदगी का विरोध किया तथा कार्यक्रम को रद्द करने की मांग उठाई है। इससे यह मुद्दा केवल भारतीय प्रवासी समुदाय तक सीमित न रहकर अमेरिकी सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया है।
मोहन भागवत मंगलवार को अमेरिका पहुंचे। उनका अमेरिका दौरा आरएसएस के शताब्दी वर्ष से जुड़े वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा है। अमेरिका के बाद उनके कनाडा और ब्रिटेन जाने का कार्यक्रम भी बताया गया है।
मैरी मिलबेन इससे पहले भी भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ चुकी हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी के एक कार्यक्रम से पहले भारत का राष्ट्रगान प्रस्तुत किया था। इसके कारण भारतीय समुदाय के बीच भी उनकी पहचान बनी है।
फिलहाल भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के रुख स्पष्ट हैं। एक ओर ममदानी और कुछ संगठन आरएसएस की विचारधारा को लेकर आपत्ति जता रहे हैं, वहीं मिलबेन सहित कार्यक्रम के समर्थक इसे भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़ा आयोजन मानते हैं। 29 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम पर अब सभी की नजर बनी हुई है और इससे पहले राजनीतिक बहस के और तेज होने की संभावना है।
