भोपाल में सीलिंग पर आर-पार की तैयारी! व्यापारियों ने गांधी के सामने की प्रार्थना, शाम को कैंडल मार्च से रहवासी जताएंगे विरोध
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारिक संगठन के पदाधिकारी और व्यापारी कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा के दौरान व्यापारियों ने मौजूदा परिस्थितियों के समाधान के लिए मार्गदर्शन की कामना की। उनका कहना है कि सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई से लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों में असमंजस और चिंता का माहौल है। व्यापारी चाहते हैं कि प्रशासन नियमों के दायरे में रहते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार करे जिससे कारोबार और रहवासी इलाकों से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।
नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में भोपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे पहले रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम किया गया था। इसके बाद बाग सेवनिया अवधपुरी 10 नंबर और आनंद नगर सहित कई क्षेत्रों में भी व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। अब व्यापारियों ने गांधीवादी तरीके से अपनी आवाज उठाने का फैसला किया है।
दूसरी ओर रहवासी भी इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं। रहवासियों का कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की वजह से शोर भीड़ और ट्रैफिक जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सार्वजनिक शांति प्रभावित होती है और कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी बढ़ी है। रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों को स्कूली बच्चों की सुरक्षा और बढ़ते ट्रैफिक को लेकर भी चिंता है।
इसी कड़ी में बुधवार शाम पांच नंबर मार्केट क्षेत्र में रहवासी कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में हैं। रहवासियों का कहना है कि रविशंकर शुक्ला मार्केट की दुकानों को पुनर्विकास योजना के तहत खाली कराया गया था और इसके बाद दुकानदारों को रहवासी क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया। उनका दावा है कि इससे आवासीय क्षेत्रों में भीड़ शोर और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं।
इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी अहम महत्व है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने दुकान संचालकों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे और अपने निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।
नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है। इसी प्रक्रिया के तहत शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी और तालाब किनारे बने भवनों के साथ ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट एरिया में निर्माणों की भी जांच की जा रही है। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है।
कार्रवाई तेज होने के बाद अवधपुरी अयोध्या बायपास गौतम नगर अशोका गार्डन और लालघाटी सहित कई क्षेत्रों के कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। कई दुकानदार अब व्यावसायिक क्षेत्रों में नए ठिकाने तलाश रहे हैं। वहीं रहवासी व्यावसायिक गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में भोपाल में व्यापारी और रहवासियों के विरोध के बीच अब प्रशासन के सामने नियमों के पालन के साथ दोनों पक्षों की चिंताओं का समाधान निकालने की चुनौती है।
