August 25, 2026

आरसी में सिर्फ गणेश और आधार में पूरा नाम तो ट्रांसफर अटक सकता है, भोपाल RTO में नाम मिसमैच से परेशान वाहन मालिक

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भोपाल ।
भोपाल में वाहन मालिकों के लिए आरसी और आधार कार्ड में दर्ज नाम का मामूली अंतर भी बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। खासकर ऐसे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है जो अपनी पुरानी गाड़ी बेचने या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया में हैं। भोपाल आरटीओ में आधार आधारित प्रक्रिया के दौरान नाम का मिलान नहीं होने से वाहन ट्रांसफर के आवेदन अटकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई वाहन मालिकों का कहना है कि वर्षों पहले वाहन खरीदते समय जिन दस्तावेजों के आधार पर आरसी तैयार हुई थी उनमें नाम अलग तरीके से दर्ज था। बाद में आधार कार्ड बनवाते समय पूरा नाम और सरनेम जुड़ गया। अब दोनों दस्तावेजों में यही अंतर वाहन ट्रांसफर के समय समस्या खड़ी कर रहा है।

होशंगाबाद रोड निवासी गणेश बडाले का मामला इसका उदाहरण है। उनकी स्कूटी की आरसी में केवल गणेश नाम दर्ज है जबकि आधार कार्ड में पूरा नाम गणेश बडाले लिखा हुआ है। जब उन्होंने स्कूटी ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन किया तो आधार और आरसी में नाम का मिलान नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। गणेश के मुताबिक वह करीब पांच दिन से आरटीओ के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि समस्या का समाधान किस दस्तावेज में सुधार कराने से होगा। उनका कहना है कि उन्होंने सामान्य तरीके से वाहन ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था लेकिन नाम में अंतर सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया रुक गई।

ऐसी समस्या केवल एक वाहन मालिक तक सीमित नहीं है। आरटीओ में पहुंच रहे लोगों के मुताबिक पुराने वाहनों के दस्तावेजों में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर होने के कारण कई मामलों में आवेदन अटक रहे हैं। किसी आरसी में सिर्फ पहला नाम दर्ज है तो कहीं सरनेम जुड़ा हुआ है जबकि आधार कार्ड में नाम का प्रारूप अलग है। उदाहरण के तौर पर किसी वाहन की आरसी में केवल यासिर दर्ज है जबकि आधार कार्ड में यासिर खान लिखा है। इसी तरह किसी आरसी में सतेंद्र मिश्रा दर्ज है जबकि दूसरे दस्तावेज में केवल सतेंद्र नाम हो सकता है। ऐसे मामलों में दस्तावेज वास्तविक रूप से एक ही व्यक्ति के होने के बावजूद सिस्टम में नाम का मिलान नहीं होने से परेशानी पैदा हो सकती है।

यह समस्या खास तौर पर 10 से 15 साल पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है। उस समय वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग दस्तावेजों का इस्तेमाल होता था और नाम दर्ज करने का तरीका भी आज की डिजिटल प्रक्रिया से अलग था। बाद में आधार कार्ड में पूरा नाम दर्ज होने के कारण पुराने आरसी रिकॉर्ड और मौजूदा पहचान दस्तावेज के बीच अंतर पैदा हो गया। वाहन मालिकों को अक्सर तब तक इस अंतर का पता नहीं चलता जब तक उन्हें गाड़ी ट्रांसफर कराने की जरूरत नहीं पड़ती।

ऐसे में यदि आपके पास पुराना वाहन है तो उसे बेचने या ट्रांसफर कराने से पहले आरसी में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम की जांच कर लेना बेहतर होगा। नाम के साथ सरनेम जुड़ा है या नहीं और दोनों दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग एक जैसी है या नहीं यह भी देखना जरूरी है। छोटी सी गलती समय रहते पकड़ में आ जाए तो आगे की प्रक्रिया में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। खासकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों को अपने दस्तावेजों की जानकारी पहले से दुरुस्त रखनी चाहिए ताकि वाहन बेचते या ट्रांसफर करते समय फाइल नाम मिसमैच के कारण अटक न जाए।

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