सावन सोमवार 2026: 24 अगस्त को बन रहा है शिव भक्ति का विशेष अवसर, ये 5 उपाय दूर कर सकते हैं जीवन की परेशानियां
अंतिम सावन सोमवार पर भगवान शिव की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक बताया गया है। इस दौरान शिवलिंग की विशेष पूजा की जा सकती है। इसके अलावा प्रदोष काल में भी भगवान शिव की आराधना करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान श्रद्धा और नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
इस दिन सबसे पहले शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करने की परंपरा है। पंचामृत में दूध दही घी शहद और शक्कर का प्रयोग किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पंचामृत अभिषेक से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में सुख शांति का वातावरण बनता है। इसके बाद भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करना भी बेहद शुभ माना जाता है। बेलपत्र पर चंदन से ॐ नमः शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने की मान्यता है। कहा जाता है कि इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और रुके हुए कार्यों में गति आने की कामना की जाती है।
सावन सोमवार के दिन जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। दूध चावल सफेद वस्त्र या अन्य उपयोगी सफेद सामग्री का दान अपनी क्षमता के अनुसार किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार दान करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। इसके साथ ही शिवलिंग पर गेहूं अर्पित करने और गन्ने के रस से अभिषेक करने की भी परंपरा बताई गई है। मान्यता है कि इस उपाय से जीवन में सफलता और समृद्धि की कामना की जा सकती है।
अंतिम सावन सोमवार पर भगवान शिव को खीर का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। पूजा के बाद खीर को प्रसाद के रूप में परिवार और अन्य श्रद्धालुओं में बांट सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव को श्रद्धा से भोग अर्पित करने से घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है।
हालांकि इन सभी उपायों का आधार धार्मिक मान्यताएं हैं और इन्हें आस्था के रूप में ही देखा जाना चाहिए। सावन सोमवार पर सबसे महत्वपूर्ण भगवान शिव की श्रद्धा पूर्वक पूजा और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना है। अंतिम सावन सोमवार पर भक्त यदि अपनी क्षमता के अनुसार पूजा दान और सेवा करते हैं तो यह दिन उनके लिए आध्यात्मिक रूप से विशेष बन सकता है।
