नासिक TCS केस में 25 दिन की तलाश के बाद गिरफ्तार हुई थी निदा खान अब कोर्ट ने दी जमानत पुलिस के सामने लगानी होगी हाजिरी
यह मामला नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 166/2026 से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि TCS कार्यालय में कुछ कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने और इस्लाम से जुड़े रीति रिवाज अपनाने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाया जाता था। शिकायत में हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे आरोप भी लगाए गए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस केस में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
शुरुआत में इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें तौसीफ बिलाल अत्तार दानिश एजाज शेख शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी और रजा रफीक मेमन के नाम शामिल थे। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने निदा खान का नाम भी मामले में जोड़ा और उन्हें आरोपी नंबर पांच बनाया। यानी शुरुआती एफआईआर में उनका नाम नहीं था बल्कि जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने उन्हें मामले में आरोपी बनाया।
पुलिस के अनुसार निदा खान की गिरफ्तारी से पहले करीब 25 दिनों तक उनकी तलाश की गई। इसके बाद नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की टीम ने उन्हें नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि वह कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में मौजूद थीं और वहां उनके चार रिश्तेदार भी मौजूद थे। गिरफ्तारी के बाद मामले में उनकी भूमिका को लेकर पुलिस ने पूछताछ की।
जमानत की सुनवाई के दौरान निदा खान की ओर से अदालत में कहा गया कि वह जांच में सहयोग कर रही हैं। अदालत के सामने उनकी गर्भावस्था की बात भी रखी गई। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी। हालांकि राहत के साथ नियमित पुलिस हाजिरी की शर्त लगाई गई है। इससे साफ है कि जमानत मिलने के बावजूद जांच की प्रक्रिया में उनकी भूमिका और आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जारी रहेगी।
इस मामले की जांच फरवरी 2026 में शिकायत मिलने के बाद शुरू हुई थी। शिकायत में एक निजी कंपनी में काम करने वाली हिंदू महिला के रमजान के दौरान रोजे रखने का भी जिक्र किया गया था। पुलिस ने मामले की पड़ताल के लिए महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में कंपनी में भेजकर वहां की गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी। जांच के दौरान कुछ टीम लीडरों पर कर्मचारियों को परेशान करने और अपने पद का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करने के आरोप भी सामने आए थे।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया था। अब निदा खान को भी अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में पुलिस की जांच जारी रहेगी और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी। फिलहाल निदा खान को कोर्ट की शर्तों का पालन करते हुए नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी और जांच में सहयोग करना होगा।
