August 19, 2026

चीन के 60 किलोमीटर घुसने के दावे पर किरेन रिजिजू का पलटवार, बोले सेना को राजनीतिक विवादों से दूर रखें

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नई दिल्ली ।केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चीन सीमा विवाद, सेना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और संसद में विपक्ष के हंगामे सहित कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सीमा से जुड़े वास्तविक मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसे दावे नहीं किए जाने चाहिए जिनसे देश में भ्रम की स्थिति पैदा हो। उन्होंने विशेष रूप से उस दावे को गलत बताया जिसमें चीन के भारत की सीमा में 60 किलोमीटर तक अंदर आने की बात कही गई थी।

रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी स्थिति को जटिल बताते हुए कहा कि कई इलाकों में अभी स्पष्ट सीमांकन नहीं हुआ है। कुछ स्थानों पर सीमा स्तंभ और जमीन पर सीमा की स्पष्ट पहचान भी नहीं है। उनके अनुसार स्थानीय लोगों की ओर से सीमा को लेकर जताई जाने वाली चिंताएं वास्तविक हैं, लेकिन इन परिस्थितियों को चीन के भारतीय क्षेत्र में 60 किलोमीटर तक घुस आने के दावे से जोड़ना सही नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चीन ने सीमा के अपने हिस्से में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास पहले शुरू कर दिया था। भारत की ओर से भी वर्ष 2014 के बाद सीमावर्ती इलाकों में सड़क, संपर्क और अन्य सुविधाओं के निर्माण को गति दी गई। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्याप्त सड़क संपर्क नहीं होने से सुरक्षा बलों और स्थानीय आबादी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

रिजिजू ने सीमावर्ती इलाकों में अपने दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सुरक्षा बलों और सेना के जवानों से मुलाकात की है तथा वहां सड़क निर्माण की स्थिति भी देखी है। उन्होंने ताकसिंग तक सड़क संपर्क मजबूत होने का जिक्र करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है।

लोंगजू और आसपास के क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भारत और चीन के बीच पुराना सीमा विवाद रहा है। उनके अनुसार कुछ क्षेत्रों में चीन की ओर से ढांचे और गांव जैसी इमारतें बनाई गई हैं। रिजिजू ने कहा कि इन परिस्थितियों को सीमा विवाद के व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि चीन ने भारतीय गांवों पर कब्जा कर लिया है।

राहुल गांधी द्वारा चीन की कथित घुसपैठ को लेकर तस्वीरें दिखाए जाने के सवाल पर रिजिजू ने सेना को राजनीतिक विवादों से दूर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेना देश की रक्षा करती है और उसे राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सेना के अधिकारियों के लिए आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी कांग्रेस नेताओं से गंभीरता से विचार करने को कहा।

संसद में विपक्ष के हंगामे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी से जुड़े आरोपों पर रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री संसद में मौजूद रहते हैं और कार्यवाही के दौरान अपना समय देते हैं। उन्होंने विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही प्रभावित होती है।

परिसीमन और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर रिजिजू ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान चाहती है। उन्होंने विपक्षी दलों से सहयोग की अपील की। राहुल गांधी की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के नेता का सम्मान करते हैं, लेकिन कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी और हंगामे को रोकने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

वंदे मातरम को लेकर रिजिजू ने कहा कि यह राष्ट्रीय गीत है और सभी भारतीयों को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष की स्थिति पर कहा कि चुनावी असफलता के बाद संसद में हंगामा करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक संसद को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को संवाद और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

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